
Virat Kohli
Virat Kohli Test Retirement: रोहित शर्मा के बाद अब विराट कोहली ने भी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। जब उन्होंने बीसीसीआई से टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट की इच्छा जताई थी तो दुनिया के कई दिग्गज क्रिकेटर्स ने उन्हें अभी ऐसा नहीं करने की सलाह दी थी। लेकिन उन्होंने किसी की भी बात नहीं मानते हुए आधिकारिक तौर पर टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। अब सवाल ये उठता है कि आखिर उन्होंने उन्हें इतनी जल्दी क्या थी? अगर वह कुछ समय और खेलते तो कई बड़े रिकॉर्ड और अपने नाम कर सकते थे। आइये इसके पीछे की वजह जानते हैं।
36 वर्षीय विराट कोहली अपनी उम्र के दुनिया के सबसे फिट क्रिकेटर्स में से एक हैं। वह इसके लिए जिम और मैदान पर जमकर पसीना बहाते हैं। हाल सस्पेंड हुए आईपीएल 2025 में भी काफी फिट नजर आए। इस सीजन में वह 11 मैचों में 63.73 के औसत से 505 रन बना चुके हैं और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले सूर्यकुमार यादव से सिर्फ 5 रन पीछे हैं। इतना ही नहीं इस आईपीएल में उनके नाम सबसे ज्यादा 7 अर्धशतक भी हैं। इस शानदार फॉर्म के साथ वह इंग्लैंड दौरे पर जा सकते थे, लेकिन उससे पहले ही टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया।
दरअसल, पिछले कुछ समय से विराट कोहली का बल्ला टेस्ट क्रिकेट में खामोश है। ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंदें उनकी सबसे बड़ी कमजोरी बन गईं। इन गेंदों ने उन्हें हर बार परेशान किया। उन्होंने इस पर काफी काम किया, लेकिन स्थिति जस की तस रही। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जैसी महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज में भी वह सात बार ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंदों को छेड़ने के प्रयास में ही आउट हुए।
2024 भारत दौरे पर आई न्यूजीलैंड ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम का सूपड़ा 3-0 से साफ किया था। इस सीरीज में भी कोहली का बल्ला नहीं चला था। उन्होंने तीन मैचों की छह पारियों में सिर्फ 15.50 के औसत से मात्र 93 रन बनाए। जबकि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पांच टेस्ट की 9 पारियों में 190 रन बनाए, जिसमें एकमात्र शतक पहले पर्थ टेस्ट में आया था। इसके बाद अगली 8 पारियों में वह सिर्फ 90 रन ही बना पाए।
साल 2019 से 2024 के बीच विराट कोहली ने 46 टेस्ट मैचों की 78 पारियों में 35.84 की औसत से कुल 2,617 रन बनाए। इस अवधि में उनके बल्ले से 5 शतक और 11 अर्धशतक निकले। कोहली ने 2019 में 2 शतक, 2023 में 2 शतक और 2024 में 1 शतक लगाया। हालांकि, 2020, 2021 और 2022 में वे एक भी शतक नहीं लगा सके। इस दौरान वे भारत के लिए 19 टेस्ट मैचों में खेले, लेकिन बड़ी पारियों के लिए संघर्ष करते रहे। यह आंकड़े उनके टेस्ट करियर के अंतिम वर्षों में आई गिरावट को दर्शाते हैं, जो उनके संन्यास के फैसले की एक अहम पृष्ठभूमि माने जा सकते हैं।
Published on:
12 May 2025 01:31 pm
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