
नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag Birthday) आज अपना 42वां जन्मदिन मना रहे हैं। कभी वीरू के नाम से पहचाने जाने वाले सहवाग (Sehwag) आज 'मुल्तान के सुल्तान' के नाम से जाने जाते हैं। इसके पीछे एक बड़ा रहस्य छुपा है। सहवाग (Sehwag) ने अपने क्रिकेट कॅरियर (Cricket Career) में कई ऐसे बेमिसाल रिकॉर्ड (Big Records) बनाए है, जो कभी भुलाए नहीं जा सकते। उन्होंने कई मामलों में तो क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को भी पीछे छोड़ दिया था। लोग उनकी आतिशी बल्लेबाजी की आज भी तारीफ करने से नहीं थकते हैं।
ऐसे बने 'मुल्तान के सुल्तान'
सहवाग का नाम 'मुल्तान के सुल्तान' पड़ने के पीछे की खास वजह यह है कि उन्होंने वर्ष 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान में तीसरा शतक ठोककर टेस्ट क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया था। इसके बाद वे 'मुल्तान के सुल्तान' कहलाने लगे। इस पारी में उन्होंने 364 गेंदों में 309 रन की पारी खेली। 38 चौके और 6 छक्कों की मदद से अपने टेस्ट कॅरियर का पहला तिहरा शतक लगाया। इससे पहले किसी भारतीय ने टेस्ट क्रिकेट में तीहरा शतक नहीं लगाया था।
दोहरा शतक लगाने वाले इकलौते भारतीय कप्तान
सहवाग वनडे मैच में दोहरा शतक लगाने वाले इकलौते भारतीय कप्तान हैं। उनका यह रिकॉर्ड आज भी अन्य बल्लेबाजों की पहुंच से बाहर है। इतना ही नहीं टेस्ट क्रिकेट में भी वह तिहरा शतक जमाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज हैं।
सचिन को छोड़ दिया था पीछे
वर्ष 2011 में 8 दिसंबर का दिन सहवाग के लिए बहुत लकी दिन था। इस दिन सहवाग ने वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे वनडे में दोहरा शतक लगाया था। ये वनडे इंटरनेशनल में किसी भी भारतीय क्रिकेटर का दूसरा दोहरा शतक था। इससे पहले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने पहला दोहरा शतक लगाया था। लेकिन वनडे में बतौर कप्तान दोहरा शतक जड़ने वाले सहवाग दुनिया के इकलौते कप्तान हैं।
सहवाग ने विंडीज के खिलाफ महज 149 गेंदों पर 219 रन की बेमिसाल पारी खेली थी। इस दौरान उन्होंने 25 चौके और 7 छक्के लगाए थे। इससे पहले सचिन तेंदुलकर ने 24 फरवरी 2011 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे में नाबाद 200 रन की पारी खेली थी।
Published on:
20 Oct 2020 02:04 pm
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