
जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारत के अंतरिम कोच वीवीएस लक्ष्मण। (फाइल फोटो सोर्स: IANS)
VVS Laxman on Team india player's Injury: बेंगलुरु में स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के चीफ वीवीएस लक्ष्मण का खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने पर पहला रिएक्शन आया है। पिछले कुछ समय से सेंटर ऑफ एक्सिलेंस से फिटनेस सर्टिफिकेट हासिल करने के बावजूद खिलाड़ी चोटिल होते रहे हैं। जिसके बाद लक्ष्मण की जमकर आलोचना हो रही है। अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर का बयान आया है और उन्होंने साफ कर दिया है कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस सिर्फ रिहैब सेंटर नहीं है, इसके अलावा भी इसके कई काम हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर बात करते हुए लक्ष्मण ने कहा कि CoE को सिर्फ रिहैब सेंटर के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “चोट खिलाड़ी के करियर का हिस्सा होती है। इसीलिए मॉनिटरिंग सिस्टम बहुत जरूरी है। हम आरोप शब्द का इस्तेमाल नहीं करते, क्योंकि ऐसा करने से बलि का बकरा ढूंढने की कोशिश होगी।”
आपको बता दें कि हाल ही में टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को सेंटर ऑफ एक्सिलेंस से फिटनेस सर्टिफिकेट मिल गया था और वह इंग्लैंड दौरे पर खेलने के लिए तैयार थे लेकिन बेंगलुरु से निकलने से ठीक पहले उनकी चोट फिर से उबर गई और उन्हें फिर वहां रुकना पड़ा। इसके अलावा जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन भी चोट से जूझ रहे हैं। इस लिस्ट में नितीश कुमार रेड्डी, वरुण चक्रवर्ती और हर्षित राणा के भी नाम शामिल हैं।
लक्ष्मण ने कहा, "सीओई से नितिन पटेल के जाने के बाद उनकी जगह अब तक किसी की नियुक्ति नहीं हो पाई है। एंड्रयू लेपस निजी कारणों का हवाला देकर चले गए। इस दौरान हमने कुछ उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट भी किया था, लेकिन अब तक कोई उनकी जगह नहीं भर पाया है। हमें यहां लगातार मॉनिटरिंग के लिए लोगों की जरूरत है जो कि नहीं मिल पा रहे हैं।”
इसके अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने CoE की कमियों को भी उजागर किया। उन्होंने स्पोर्ट्स साइंस- मेडिकल टीमों और राष्ट्रीय चयन समिति के बीच कम्यूनिकेशन गैप का भी पोल खोला। बता दें कि खिलाड़ियों को चोट ने मुद्दा तब पकड़ा, जब श्रीलंका दौरे से ठीक पहले जसप्रीत बुमराह चोटिल हो गए। इसके बाद साई सुदर्शन भी सीरीज से बाहर हो गए।
Updated on:
09 Aug 2026 03:41 pm
Published on:
09 Aug 2026 03:33 pm
