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हमने यहीं कंट्रोल खो दिया… विंडीज से बुरी तरह हार के बाद जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने बताया कहां हुई चूक

ZIM vs WI: वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले में 107 रन से मिली हार के बाद जिम्‍बाब्‍वे के कप्तान सिकंदर रजा काफी निराश नजर आए। उन्‍होंने कहा कि हमें उम्मीद थी कि पिच सही और फ्लैट रहेगी, लेकिन यह टर्न लेने लगी और हमने यहीं कंट्रोल खो दिया।

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भारत

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lokesh verma

Feb 24, 2026

ZIM vs WI

जिम्‍बाब्‍वे के कप्‍तान सिकंदर रजा। (फोटो सोर्स: IANS)

ZIM vs WI: जिम्बाब्वे को मुंबई के वानखेड़े स्‍टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले में 107 रन से बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा है। जिम्बाब्वे की टीम ने अपने शुरुआती चार मुकाबले श्रीलंका में खेले, लेकिन सुपर-8 मैच खेलने उसे भारत में आना पड़ा है। कप्तान सिकंदर रजा ने वेन्यू बदलने की चुनौतियों को लेकर कहा है कि इससे उन्हें परेशानी नहीं होती। उनके लिए यह जरूरी है कि टीम इस हार से कुछ सीख लेकर जाए। इसके साथ ही उन्‍होंने बताया कि आखिर उनसे चूक कहां हुई।

'बहाने हमारी मदद नहीं करेंगे'

मैच के बाद सिकंदर रजा ने वेन्यू बदलने में होने वाली मुश्किलों को लेकर सवाल पर कहा कि वह ऐसा नहीं सोचना चाहते, अगर हम वेन्यू के बारे में सोचते हैं, अगर हम देश में बदलाव के बारे में सोचते हैं तो हम इस गेम से कुछ नहीं सीखेंगे। मेरे और जिम्बाब्वे के लिए यह बहुत जरूरी है कि हम इससे कुछ सीखें.. बहाने हमारी मदद नहीं करेंगे। अगर हम आगे बढ़ने के लिए काफी अच्छे हैं, तो हमें अच्छा क्रिकेट खेलना चाहिए, चाहे हम कहीं भी हों, यहां या श्रीलंका में। इसलिए वेन्यू बदलने से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, जो मायने रखता है वह यह है कि हमने आज से कुछ कीमती सबक लिए हैं।

'हमने यहीं कंट्रोल खो दिया'

उन्‍होंने कहा कि हमें उम्मीद थी कि पिच सही और फ्लैट रहेगी, लेकिन यह टर्न लेने लगी और हमने यहीं कंट्रोल खो दिया। अनुभव के नजरिए से यह एक शानदार गेम था। लड़के बहुत कुछ सीखेंगे, धीमी पिच पर बॉलिंग कैसे करनी है और ऐसे बैट्समैन को कैसे बॉलिंग करनी है, जो बॉल को जोर से और दूर तक मार रहे हैं। अगर हम फिर से वेस्टइंडीज जैसी टीम के खिलाफ किसी छोटी जगह पर खेलते हैं तो आज के सबक निश्चित रूप से हमारी मदद करेंगे।

'मोटी के स्पेल ने गेम का पूरा रुख बदल दिया'

वहीं, रन चेज को लेकर उन्‍होंने कहा कि एक समय था, जब टोनी और मुझे लगा कि भले ही आखिरी सात ओवर में 18 रन प्रति ओवर तक आ जाएं, यह ग्राउंड आपको मौका देता है। जब आप कनेक्ट करते हैं तो बॉल सच में उड़ती है। आइडिया यह था कि 12 या 13 रन प्रति ओवर की रफ़्तार से चलते रहें जो हम कुछ समय से बिना जोर लगाए कर रहे थे। दुर्भाग्य से मोटी के स्पेल ने गेम का पूरा रुख बदल दिया। लेकिन, इस ग्राउंड पर अगर आपके पास दो सेट बैट्समैन हैं तो आप कभी भी पूरी तरह से आउट नहीं होते। आखिरी पांच से आठ ओवर में बहुत सारे रन बनाए जा सकते हैं। हर बार जब ज़िम्बाब्वे मैदान पर उतरता है, तो हमारा लक्ष्य जीतना होता है।

भारत के खिलाफ मैच को लेकर कही ये बात

भारत के खिलाफ अगले मैच को लेकर उन्‍होंने कहा कि हम मज़बूत प्रदर्शन करना चाहते हैं और सम्मान पाना चाहते हैं। अब सामने इंडिया है। दोनों टीमें मैच हार चुकी हैं। इसलिए साबित करने के लिए बहुत कुछ है। हम आज से सबक लेंगे, चेन्नई के बारे में जो जानते हैं उसका इस्तेमाल करेंगे और बेहतर परफॉर्म करने की कोशिश करेंगे। फिर देखेंगे क्या होता है?