
रामपुर: सरकार की सबसे महत्पूर्ण योजना एंबुलेंस सेवा 108 शनिवार को रामपुर में फेल हो गई। सड़क हादसे के बाद तकरीबन 45 मिनट तक स्थानीय लोग 108 एम्बुलेंस को कॉल करते रहे लेकिन नहीं एंबुलेंस आई और न ही कोई काल रिस्पांस मिला। 108 के रिस्पांस न मिलने पर लोगों ने अपनी बाइक को ही इमरजेंसी की एम्बुलेंस बना दिया लेकिन तब तक महिला ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। सीएमओ अब कह रहे हैं कि मामले की जांच करवाएंगे कि किन कारणों से एम्बुलेंस सेवा नहीं मिली।
दरअसल शनिवार को भैया दूज के लिए एक महिला अपने दो बच्चों और पति के साथ बाइक पर सवार होकर निकली थी कि थाना अजीमनगर के खौद पुलिस चौकी के पास बाजपुर काशीपुर रोड पर अचानक बाइक का संतुलन बिगड़ा और गाड़ी गिर गई। गाड़ी के गिरते ही महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला के सर में खून बह रहा था सड़क पर भी खून ही खून दिखाई दे रहा था। घायल महिला को उनकी एक रिश्तेदार ने अपने सीने से लगा लिया। स्थानीय लोग और घायल के पति ने लगातार 108 नंबर पर सेवा का उपयोग करने के लिए काल की लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। तब लोग अपनी मोटर साइकिल पर घायल महिला को ज़िला अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
महिला पटबाई थाना छेत्र की रामवती है, जो अपने भाई के घर थाना अजीमनगर जा रही थी। अचानक बाइक का संतुलन बिगड़ने से महिला बाइक से गिर गई और घायल हो गई। इलाकाई लोग महिला को अपनी बाइक पर बिठाकर ज़िला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार के लोग कहते हैं अगर समय रहते उसका उपचार हो जाता या एम्बुलेंस सेवा का लाभ मिल जाता तो शायद महिला की जान बचाई जा सकती थी ।
इमरजेंसी सेवा 108 के समय से घटना स्थल पर नहीं पहुंचने पर सीएमओ ने कहा कि में मामले की जांच करवाता हूं कि किन कारणों से एम्बुलेंस घटना स्थल पर नहीं पहुंची। फिलहाल कब जांच होगी और कब कोई दोषी होगा यह तो बाद कि बात है। लेकिन महिला की मौत हो चुकी है। यह मौत बचाई जा सकती थी। लेकिन सिस्टम की गड़बड़ी के चलते महिला की मौत हो गई। यह अपने आप में स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी बात है।
इमरजेंसी फेल होने पर बोले मुख्य चकित्साधिकारी डॉ सुबोध कुमार
रामपुर में महिला की तड़प-तड़प कर हुई मौत के मामले में सीएमओ सुबोध कुमार प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को पत्र भेजेंगे और उनसे जानेंगे कि शनिवार को कितनी बार कॉल किए गए और उन कॉल्स पर क्या रिस्पांस दिया गया। अगर संतोष जनक जबाब नहीं मिला तो बड़े स्तर पर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सुबोध कुमार ने बताया कि यह सेवा एक प्राइवेट कंपनी देती है। मीटिंग में यह लोग आते हैं और वादा करते हैं लेकिन जैसा आपने बताया है कि हम उनको एक पत्र भेजकर उनसे पहले कारण जानेंगे बाद में उन पर कार्रवाई जरूर करेंगे यह कहना है सीएमओ का।
Published on:
21 Oct 2017 06:19 pm
बड़ी खबरें
View Allक्राइम
ट्रेंडिंग
