Punjab: जहरीली शराब पीने से 26 लोगों की मौत, CM Amarinder Singh ने दिखाई सख्ती

  • Punjab के बटाला ( Batala )और तरनतारन ( Tarn Taran ) में Poisonous liquor से 26 लोगों की मौत
  • Punjab Police ने इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें जहरीली शराब बनाने वाले भी शामिल

By: Mohit sharma

Updated: 31 Jul 2020, 05:57 PM IST

नई दिल्ली। पंजाब के अमृतसर ( Amritsar ) से बड़ी खबर सामने आई है। यहां बटाला ( Batala )और तरनतारन ( Tarn Taran ) में जहरीली शराब ( Poisonous liquor ) से 26 लोगों की मौत हो गई है। घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ( Punjab Police ) ने इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें जहरीली शराब बनाने वाले भी शामिल हैं। वहीं, क्षेत्र में जहरीली शराब के निर्माण और इस घटना में पाई गई लापरवाही के लिए थाना तरसिक्क के SHO को सस्पेंड कर दिया गया है। राज्य सरकार ( Punjab Government ) ने इस मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया है। जानकारी के अनुसार मरने वालों में अमृतसर और तरनतारन के दस-दस और बटाला के 6 लोग शामिल हैं।

यह खबर भी पढ़ें— Sushant Singh Rajput Suicide Case: BJP ने Maharashtra Government की शैली पर उठाया सवाल

Punjab DGP Dinkar Gupta ने दी जानकारी

पंजाब के पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता ( Punjab DGP Dinkar Gupta ) ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि 29 जून की रात को अमृतसर ग्रामीण के थाना तरसिक्क में मुच्छल और तंग्रा में पहली पांच मौतें हुई थीं। जबकि अगली दो मौतों 30 जुलाई की शाम को मुच्छल में हुई थीं। इस दौरान एक व्यक्ति को नाजुक हालत में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद गांव मुच्छल में फिर दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो व्यक्तियों की बटाला शहर में हुई। ताजा घटना शुक्रवार को घटी, जिसमें पांच लोगोें की जान चली गई। कुल मिलकार तरनतारन में जहरीली शराब के सेवन से 10 लोगों और बटाला में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है।

यह खबर भी पढ़ें— IIT Bombay को SC की फटकार- दिल्ली में Smog Tower Project से हाथ खींचना Contempt of Court

दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ( Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh ) ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए केस की मजिस्ट्रियल जांच ( Magisterial inquiry ) के आदेश दिए हैं। इस केस की जांच जालंधर के डिविजनल कमिश्नर को सौंपी गई है। यही नहीं मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने डिविजनल कमिश्नर को किसी पुलिस अफसर या एक्सपर्ट की जांच में मदद लेने की छूट दी है। जानकारी के अनुसार इस जांच में जालंधर के उप आयुक्त व एक्साइज ( excise ) और टेक्सेशन विभाग ( Taxation department ) के कमिश्नर समेत तीनों जिलों के पुलिस कप्तान अपना सहयोग करेंगे। सीएम अमरिंदर ( CM Amarinder Singh ) ने घोषणा की है इस केस में पाए गए दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Show More
Mohit sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned