25 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अलवर: कॉलेज छात्रा का नहाते समय बनाया वीडियो… फिर रेप, अब 20 साल की सजा   

राजस्थान के अलवर जिले में नाबालिग कॉलेज छात्रा के साथ बार-बार दुष्कर्म करने और उसे नशीली दवा पिलाने के गंभीर मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है।

2 min read
Google source verification

(पत्रिका सांकेतिक फोटो)

राजस्थान के अलवर जिले में नाबालिग कॉलेज छात्रा के साथ बार-बार दुष्कर्म करने और उसे नशीली दवा पिलाने के गंभीर मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। विशिष्ट न्यायालय पॉक्सो संख्या 1 के न्यायाधीश जगेन्द्र अग्रवाल ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने अपराधी पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।

नहाते हुए का वीडियो बनाया, फिर बलात्कार किया

पीडि़ता के पिता जयपुर में काम करते हैं। वह अपने मामा के घर रहकर कॉलेज की पढ़ाई कर रही थी। 20 फरवरी को छुट्टियां मनाने वह अपने घर आई हुई थी। उनके पड़ोसी का मकान ऊंचाई पर बना हुआ है। जहां से उनके घर का बाथरूम दिखाई देता है। आरोपी पड़ोसी युवक ने पीडि़ता का नहाते हुए का वीडियो बना लिया। 24 फरवरी 2025 को पीडि़ता के पिता जयपुर और मां अपने पीहर गई हुई थी। इस दौरान पीडि़ता अपनी बहन के साथ घर पर सो रही थी, तभी आरोपी उसके घर आया और उसके साथ बलात्कार किया।

जब पीडि़ता के पिता घर आए, तो उसने अपने पिता को पूरा घटनाक्रम बताया। जिसके बाद पीडि़ता के पिता ने आरोपी के घरवालों से बात की, तो आरोपी ने माफी मांग ली। इसके बाद 1 अप्रेल को पीडि़ता की मां उसके पिता के साथ दवा लेने जयपुर गई हुई थी। इस दौरान आरोपी ने पीडि़ता के साथ फिर से बलात्कार किया।

नशीली दवा पिलाई, 10 दिन रही अस्पताल में भर्ती

2 अप्रेल को पीडि़ता पहाड़ी पर बकरी चराने गई थी। इस दौरान आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। इस दौरान आरोपी ने पीडि़ता को नशीली दवा पिला दी। जिससे वह बेहोश हो गई। जिसे उसके ताऊ ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां 10 दिन तक पीडि़ता भर्ती रही।

विशिष्ट लोक अभियोजक विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि 4 अप्रेल 2025 में पीडि़ता के पिता ने जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र के थाने में उसकी बेटी के साथ बलात्कार का मामला दर्ज कराया था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश किया। इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 21 गवाह और 32 दस्तावेजी साक्ष्य प्रदर्शित कराए। जिनके आधार आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने उसे सजा सुनाई है।