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Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता ने रोते-रोते रसोइए को किया था फोन, जानिए क्या हुई थी बातचीत

Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता भंडारी मर्डर केस में रिसॉर्ट के रसोइए ने कई अहम खुलासे किए हैं। उसने यह भी बताया कि अंकिता ने उसे रोते हुए फोन किया था। जानिए इस केस में रिसॉर्ट के रसोईए ने क्या बताया।

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Ankita Bhandari Murder Case: उत्तराखंड के अंकिता भंडारी मर्डर केस में अब एक और नया खुलासा हुआ है। यह खुलासा उस रिसॉर्ट के रसोइए ने किया है, जहां अंकिता रिसेप्शनिस्ट थी। रसोइए मानवीर सिंह चौहान ने बताया कि अंकिता का उसके पास फोन आया था। उस समय अंकिता रो रही थी। उसने रोत-रोते हुए रसोइए को अपना बैग ले आने को कहा था। बताया जाता है कि अंकिता का यह आखिरी फोन कॉल था।

रिजॉर्ट के रसोइए और अंकिता के बीच हुई बातचीत का एक ऑडियो भी सामने आया है। जिसमें अंकिता बुरी तरह से रोती सुनाई पर रही है। ऑडियों में रसोइया यह पूछता सुनाई आ रहा है कि मैम क्यों रो रहे हो, क्या हो गया। इस पर अंकिता यह कहती सुनाई पर रही है कि प्लीज बैग पहुंचा दो। इसके बाद रसोइए किसी से गाड़ी वापस ले जाने की बात कहता सुनाई पड़ रहा है। साथ ही रसोइया यह भी कहता है कि मैम आप घबराओ नहीं, हमलोग आ रहे हैं। बस दो मिनट।

एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए वनंत्रा रिजॉर्ट के रसोइए मानवीर सिंह चौहान ने बताया कि उस रोज आठ-साढ़े आठ बजे के करीब अंकित जी का फोन आया था। उन्होंने चार लोगों का खाना बनाकर रखने को कहा था। मैंने उनके कहे अनुसार चार लोगों का खाना बना दिया था। वो लोग रात करीब 11 बजे आए और खाना मांगे। मैंने खाना भेजवाया तो वो लोग तीन ही थे, मैडम (अंकिता) नहीं थी।

अंकित जी ने कहा कि उनका खाना ला दो, हम दे आते हैं। मैंने उनसे कहा भी आप क्यों देने जाएंगे, मैं सर्विस वाले से भेजवा देता हूं। लेकिन उन्होंने कहा नहीं मैं दे आता हूं। इसके बाद वो मैडम का खाना लेकर उनके रूम चले गए। हमलोग भी सोने चले गए। सुबह 8 बजे पता चला कि मैडम नहीं है। जब मैं उनके रुम गया तो देखा उनका बैग-सामान बगैरह सबकुछ वहीं है। मैडम नहीं थी।


अंकिता मर्डर केस में रसोइए ने बीजेपी नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य के बारे में काफी कुछ बताया। उसने बताया कि पुलकित, अंकिता और दो और लोग 18 सितंबर को एक साथ रिजॉर्ट से निकले थे। लेकिन लौटते समय अंकिता साथ नहीं थी। यह बात सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से भी साबित हो चुकी है। इधर अंकिता के मामले में जैसे-जैसे खुलासे हो रहे हैं, वैसे-वैसे लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।


ऋषिकेष में इस घटना के खिलाफ लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। सड़कों पर उतर कर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि शुरुआत में मामले को दबाने की कोशिश की गई। यदि शिकायत मिलते ही मामले की जांच होती तो अंकिता की हत्या नहीं होती। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बीजेपी विधायक रेणु बिष्ट की कार पर हमला कर उसे बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा पुलकित कार्य के रिजॉर्ट में भी लोगों ने आग लगा दी।


दूसरी ओर अंकिता के शव का पोस्टमार्टम हो गया है। पोस्टमार्टम होने के बाद अब अंकिता के शव को उसके घर तक ले जाया जा रहा है। जहां पहले से भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी है। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। बता दें कि एसडीआरएफ की मदद से पुलिस ने अंकिता के शव को चिल्ला नहर से बरामद किया था। जिसके बाद पोस्टमार्टम के लिए अंकिता के शव को एम्स भेजा गया था।


अंकिता जिस वनंत्रा रिजॉर्ट में काम करती थी, वह उत्तराखंड के पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य का है। पुलकित अंकिता को जबरन देह व्यापार के धंधे में उतारना चाहता था। इस बात का खुलासा अंकिता के वाट्स एप चैट से सामने आया है। यह भी बात सामने आई है कि अंकिता को एक्स्ट्रा सर्विस के लिए 10 हजार रुपए का ऑफर किया गया था। लेकिन वो इस बात के लिए नहीं मानी तो उसकी हत्या कर लाश को नहर में फेंक दिया गया।

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अंकिता मर्डर केस का खुलासा करते हुए ASP शेखर सुयाल ने बताया की वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता और सौरभ ने ही अंकिता की हत्या की है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। मालूम हो कि अंकिता मर्डर केस में नाम आने के बाद बीजेपी ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य के पिता विनोद आर्य को पार्टी से सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ-साथ पुलकित आर्य के भाई अंकित आर्य को उत्तराखंड ओबीसी कमीशन के डिप्टी चेयरमैन पद से हटा दिया गया है।

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