
दिल्ली में बनारस पुलिस ने मारा छापा, 18 विदेशी लड़कियां बरामद, भड़की स्वाति मालीवाल
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में उत्तर प्रदेश पुलिस और दिल्ली महिला आयोग ने मिलकर मानव तस्करों के चंगुल से 19 लड़कियों को आजाद करवाया है। मंगलवार को यहां के मैदान गढी इलाके में एक घर पर छापा मारकर 19 लड़कियों को मुक्त कराने में सफल मिली है। सभी लड़कियां नेपाली हैं। पुलिस ने तीन संदिग्ध तस्करों को भी गिरफ्तार किया है।
18 से 30 साल है लड़कियों की उम्र
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल ने बताया कि कि वाराणसी की पुलिस उनकी मौजूदगी में हुई इस छापेमारी में 19 लड़कियों के अलावा 68 पासपोर्ट भी मिले हैं जिनमें सात भारतीयों के और बाकी नेपाल के हैं। सभी लड़कियों की उम्र 18 से 30 साल के बीच की है। इन लड़कियों को महिला संरक्षण गृह में रखा जाएगा और नेपाली दूतावास की मदद से सभी को सुरक्षित उनके देश भेजा जाएगा।
तस्करों की चंगुल से आजाद लड़की ने किया खुलासा
मालिवाल ने कहा कि तस्करों के चंगुल से एक लड़की भागकर वाराणसी पुलिस के पास गई और उनके साथ होने वाली घटनाओं को लेकर मामला दर्ज कराया था। इसके आधार पर वाराणसी की पुलिस ने उनसे संपर्क करके छापे की कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि यहां इन लड़कियों को एक छोटे से कमरे में रखा गया था और इन्हें बस इतना पता था कि कहीं दूर देश में उन्हें भेजा जाएगा। इससे कुछ दिन पहले मुनिरका से 16 नेपाली लड़कियों को मुक्त कराया गया था। इन लड़कियों ने बताया था कि उन्हें कुवैत और इराक भेजने के लिए लाया गया था। उनसे वहां जिस्म फरोशी कराया जाता है।
दिल्ली पुलिस पर मिली भगत का आरोप
दिल्ली पुलिस पर लावरवाही का आरोप लगाते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस की नाक के नीचे इतना बड़ा रैकेट चल रहा हो और उसे पता नहीं हो यह समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की मिली भगत से मानव तस्करी का धंधा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सारी लड़कियां अनपढ़ हैं तथा नेपाल के भूकंप प्रभावित इलाके से लाई गई हैं।
Published on:
31 Jul 2018 08:54 pm
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