
नई दिल्ली। दिल्ली के बुराड़ी में 13 दिन पहले एक ही घर में एक ही परिवार की 11 मौत ने पूरे देश को सकते में डाल दिया। आखिर क्यों इस परिवार के सदस्य एक साथ मौत के आगोश में चले गए। देश की इस सबसे सनसनीखेज वारदात ने लोगों के साथ पुलिस को भी चौंका दिया। यही वजह रही कि दिल्ली पुलिस तुरंत इस मामले को क्राइम ब्रांच के हवाले कर दिया। 13 दिन बाद पुलिस ने अब इस केस की फाइल को बंद करने का फैसला किया है। इन 11 मौत की वजह अंध विश्वास के चलते सामूहिक खुदकुशी को माना गया है।
कोई भी बाबा शामिल नहीं
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के मुताबिक डॉक्टरों की ओर से दी गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी चोट का जिक्र नहीं है। इसका मतलब है कि सभी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। गुरुवार को इस मामले में डॉक्टरों ने अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है और इसमें कोई भी बाबा शामिल नहीं है। पुलिस इस मामले को लगभग बंद कर दिया है।
पुलिस को इन रिपोर्ट का इंतजार
बुराड़ी के भाटिया परिवार को लेकर पुलिसिया जांच अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। उसे फाइल बंद करने से पहले दो रिपोर्ट का इंतजार है। इन दो रिपोर्ट में विसरा और साइक अटॉप्सी का आना बाकी है। आपको बता दें कि भाटिया परिवार के 11 सदस्यों में सबसे बुजुर्ग नारायण देवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ एक दिन पहले यानी गुरुवार को ही हुआ है। इस रिपोर्ट को लेकर भी डॉक्टर में काफी मतभेद चल रहा था। एक मत था कि नारायणी देवी की हत्या हुई है जबिक दूसरा मत था कि नारायणी ने भी आत्महत्या ही की है। बहरहाल 11 सदस्यों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ये बात तो साफ हो गई है कि सभी की मौत फांसी पर लटकने से ही हुई।
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ज्वाइंट सीपी क्राइम के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि परिवार खुद ही स्टूल और तार ला रहा है। दास्तावेजों से पता चला है कि पूजा एक बजे रात में शुरू की गई थी. उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और हम विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रहे है।
Updated on:
13 Jul 2018, 2:47 PM IST
Published on:
13 Jul 2018, 2:28 PM IST
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