
नई दिल्ली। शिमला के बहुचर्चित गुड़िया गैंगरेप और हत्याकांड मामले में बुधवार को हाईकोर्ट ने सीबीआई को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने मामले की सुनावाई करते हुए कहा कि अगर वह अभी भी इस मामले को हल करने में असमर्थ है तो बता दें। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 18 अप्रैल के लिए टाल दी है। उन्होंने कहा कि पिछले 8 महीनों से सीबीआई लगातार समय की मांग कर रही है। लेकिन मामले में अब तक उसे कोई ठोस सुबूत हाथ नहीं लगा। कोर्ट ने कहा कि वह सीबीआई की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है। सीबीआई ने कोर्ट में यह रिपोर्ट बंद लिफाफे में पेश की थी।
सामाजिक संगठन सीबीआई के खिलाफ करेंगे आंदोलन
बता दें कि सीबीआई गुड़िया गैंगरेप और हत्याकांड मामले में 8 बार कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश कर चुकी है। इससे पहली स्टेटस रिपोर्ट पिछले साल 2 अगस्त को पेश की गई थी। इसके बाद 16 अगस्त, 6-21 सितंबर, 11-25 अक्टूबर, 30 नवंबर, 20 दिसंबर और 10 जनवरी को रिपोर्ट पेश की गई। हर बार सीबीआई ने जांच पूरी करने के लिए हाईकोर्ट से अतिरिक्त समय की मांग की है। अब इस मामले में सामाजिक संगठन सीबीआई के लगातार समय मांगने के खिलाफ आंदोलन की बात करने लगे हैं।
क्या है गुड़िया गैंगरेप केस
गौरतलब है कि पिछले साल 4 जुलाई को आरोपी राजेंद्र उर्फ राजू अपने दोस्त आशीष और सुभाष के साथ कहीं जा रहा था। तब उसने 10वीं में पढ़ने वाली गुड़िया को देखकर उसे घर तक लिफ्ट देने की बात कही थी। गुड़िया इलाके में नई आई थी। हालांकि, वह राजू को जानती थी। वह अक्सर स्कूली बच्चों को ले जाता था, जिससे उसे शक नहीं हुआ और पीड़िता गाड़ी में बैठ गई। राजू और उसके दोस्त शराब के नशे में धुत थे। उन्होंने बीच जंगल में सामान उतारने का बहाना बनाते हुए गाड़ी रोक दी। इसके बाद दरिंदों ने मासूम के साथ गैंगरेप किया। इससे भी नहीं हुआ तो आरोपियों ने अपने तीन साथियों को भी वहां बुला लिया। गुड़िया का गैंगरेप करने के बाद सभी आरपियों ने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और उसकी लाश को जंगल में फेंक दिया।
Published on:
28 Mar 2018 04:17 pm
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