21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दाती महाराज रेप केस में हाईकोर्ट का निर्देश, पीड़ित लड़की को ही बनाया जाए पक्ष

दाती महाराज रेप केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने किया एनजीओ की सुनवाई से इनकार, पीड़ित लड़की को ही याचिकाकर्ता बनाए जाने का दिया निर्देश

2 min read
Google source verification
dati

dati madan

नई दिल्ली। दुष्कर्म के आरोपी दाती महाराज के खिलाफ एक एनजीओ की ओर से दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने संज्ञान लेने से इंकार कर दिया है। याचिका में एनजीओ ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता के समक्ष यह याचिका दायर की गई।

जम्मू-कश्मीरः कुपवाड़ा के जंगलों में सेना से मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर, इंटरनेट और शिक्षण संस्थान बंद

कोर्ट ने दिया ये निर्देश
न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने कहा कि इस आपराधिक मामले में एनजीओ पीड़ित नहीं है और वह किस हैसियत से दखल दे रहा है। हाई कोर्ट ने कहा कि एनजीओ ने शुरू में जनहित याचिका के तौर पर अर्जी दाखिल की थी, जिस पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने सुनवाई से इनकार कर दिया था और उसे आपराधिक रिट याचिका माना था।
कोर्ट ने कहा, 'आपकी लगाई गई जनहित याचिका को क्रिमिनल रिट पिटीशन में तब्दील कर दिया गया है। लिहाज़ा, इस मामले में पीड़ित लड़की को याचिकाकर्ता बनाया जाए। फ़िलहाल याचिकाकर्ता ने याचिका को वापस ले लिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कहा है पीड़िता को पक्ष बनाने के बाद दोबारा हाइकोर्ट में याचिका लगाई जा सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में आज से लौटेगा मानसून, जोरदार बारिश के साथ 13 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेगी हवाएं
आपको बता दें कि दिल्ली हाइकोर्ट उस जनहित याचिका पर पहली सुनवाई कर रहा था, जिसमें दाती महाराज से जुड़े केस को सीबीआई को ट्रांसफर करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि पीड़िता की शिकायत के इतना समय गुजर जाने के बाद इस मामले में पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया है। इतना ही नहीं जनहित याचिका में कहा गया है कि दाती महाराज के यहां शनिधाम पर कुछ बड़े लोगों का आना जाना लगा रहा है और पुलिस के अब तक जांच ठीक से न करने का एक कारण इसे भी माना जा रहा है।

सबूतों को दाती कर सकते हैं प्रभावित

अब तक दाती की गिरफ्तारी न होने के कारण इस मामले से जुड़े सबूतों और गवाहों को दाती महाराज प्रभावित कर सकता है। पिछली सुनवाई के दौरान इस जनहित याचिका को कोर्ट ने क्रिमिनल रिट पिटीशन में तब्दील कर दिया था। अगली सुनवाई के लिए एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल ने इसको आपराधिक बेंच के पास भेजा दिया था।