
दिल्ली के बुराड़ी का सामूहिक सुसाइड केसः इन पांच सुरागों के चलते पुलिस कर रही हत्या की जांच
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के उत्तरी इलाके बुराड़ी के संत नगर इलाके में एकसाथ एक ही घर से 11 शव मिलने की सनसनीखेज वारदात ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से इलाके के लोग भी दहशत में हैं। अब पुलिस को भी लग रहा है कि ये कोई सामूहिक आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे हत्या की गंभीर साजिश छिपी है। पुलिस ने उन सुरागों को खंगालना शुरू कर दिया है जिनके आधार पर शक की सुई हत्या की ओर बढ़ रही है। आइए उन पांच सुरागों पर नजर दौड़ाते हैं जिनके आधार पर पुलिस अब केस में हत्या के एंगल पर भी जांच कर रही है। आपको बता दें कि इस केस में पड़ोसी महिला एक और खुलासा किया है, जिसके मुताबिक परिवार का मुखिया ललित पिछले 5 साल से मौन व्रत पर था।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी इस सनसनीखेज वारदात के बाद बुराड़ी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और जल्द से जल्द जांच के जरिये सही नतीजे पर आने की बात कही।
1. नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
पुलिस के घटना स्थल यानी की मृतकों के घर से इतने बड़े कांड के बाद कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। जो साफ दर्शाता है कि परिवार के लोगों ने आत्महत्या तो नहीं की है।
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2. बंधे थे शवों के हाथ-पैर, आंखों पर पट्टी
लोगों ने जब शवों को देखा तो रेलिंग पर सभी शवों के हाथ औऱ पैर बंधे हुए दिखाई दिए, जो इशारा करते हैं कि आत्महत्या के वक्त किसी का हाथ या पैर बंधा हो तो वो कैसे वारदात को अंजाम दे सकता है। इस दौरान 10 शवों की आंखों पर भी पट्टी बंधी थी।
3. बुजुर्ग महिला का दबाया गला
वारदात के बाद ये बात भी सामने आई है कि घर की सबसे बुजुर्ग महिला का गला दबाकर उसका कत्ल किया गया है। यानी जब बुजुर्ग महिला की हत्या हुई है तौ बाकियों के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ होगा।
4. पड़ोसियों के बयान
बुराड़ी सामूहिक सुसाइड नहीं बल्कि हत्या है इस बात का शक पड़ोसियों के बयान से भी पुख्ता होता है, क्योंकि पड़ोसियों के मुताबिक भाटिया परिवार काफी धार्मिक और मिलनसार था। ऐसे बिना किसी विवाद या कर्ज के क्यों कोई आत्महत्या करेगा, वो भी सामूहिक।
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5. एक रेलिंग पर लटकी मिली लाशें
बुजुर्ग महिला के अलावा सभी लाशें रेलिंग से एक ही जाली की रस्सी से लटकती मिली हैं। अगर परिवार के सदस्यों ने रजामंदी से आत्महत्या की होती तो इस तरह एक ही रेलिंग पर एक पैटर्न में लाशें नहीं मिली होतीं।
22 साल से इसी इलाके में बसा था परिवार
पड़सियों की माने तो मूलतः राजस्थान से ताल्लुक रखने वाला भाटिया परिवार पिछले 22-23 साल से संत नगर में बसा था। 11 लोगो के परिवार में दो भाई और उनकी पत्नियां थीं. दो लड़के करीब 16 से 17 साल के थे। मृतकों में एक बुजुर्ग मां और बहनें शामिल थीं। परिवार में दूध और प्लाईवुड की दुकान है. साथ में एक किराने की एक दुकान भी थी।
Published on:
01 Jul 2018 12:56 pm

