script खुलासा: ISI को मिसाइल की जानकारी दे रहा था DRDO का फोटोग्राफर, अब मिली यह सजा | DRDO photographer was giving information about missile to ISI | Patrika News

खुलासा: ISI को मिसाइल की जानकारी दे रहा था DRDO का फोटोग्राफर, अब मिली यह सजा

locationनई दिल्लीPublished: Feb 12, 2021 08:34:07 pm

Submitted by:

Mohit sharma

  • ओडिशा की अदालत ने कहा ऐसे लोग हैं आतंकवादी, सुनाई उम्रकैद की सजा
  • DRDO जानकारी चुराकर दुश्मन देश की खुफिया एजेंसी को दे रहा था फोटोग्राफर

 

untitled_1.png

आनंद मणि त्रिपाठी

भुवनेश्वर। पाकिस्ताानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ( ISI ) केवल राजस्थान, पंजाब या फिर जम्मू अंतरराष्ट्रीय सीमा ( LOC ) पर ड्रोन से आतंक का सामान ही नहीं गिरा रही है बल्कि लालची लोगों को गद्दार भी बना रही है। ऐसे ही एक मामले में ओडिशा की अदालत ने एक व्यक्ति को आतंकवादी करार देते हुए ताउम्र कैद की सजा सुनाई है। यह व्यक्ति देश के सबसे बड़े रक्षा संगठन ( DRDO ) की जानकारी चुराकर दुश्मन देश की खुफिया एजेंसी को दे रहा था। दुस्साहस इतना की जानकारी के साथ फोटो और वीडियों में भी उपलब्ध करा रहा था।

सोशल मीडिया पर धूम मचा रहे राकेश टिकैत, 26 जनवरी से अब तक कितनी बढ़ गई फॉलोअर्स की संख्या?

जज ने आतंकी करार दिया

बात है रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी डीआरडीओ के चांदीपुर मिसाइल रेंज की। यह पर तैनात संविदा फोटाग्राफर ईश्वर बेहरा की। इसे चांदीपुर मिसाइल रेंज की संवेदनशील तस्वीरों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को देने का दोषी पाया गया है। इसे बालासोर जिला अदालत ने 121A और 120B के सेक्शन 3, 4, 5 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इतना ही नहीं जज ने आतंकी करार दिया। बेहरा चांदीपुर स्थित डीआरडीओ के मिसाइल परीक्षण इकाई के अतिसंवेदनशील संस्थान इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में संविदा कैमरामैन के तौर पर पदस्थ था।

कांग्रेस के आरोप पर Amit Shah ने कहा, 'मैं टैगोर की कुर्सी पर नहीं बैठा' नेहरू, राजीव बैठे

खातों के पैसों से पकड़ा गया
भारतीय खुफिया एजेंसियों को बेहरा पर शक हो गया और फिर इस पर लगातार निगाह रखी जान लगी। इसके बाद यह पाया गया कि यह मिसाइल टेस्टिंग साइट के पास गया और उसने संवदेनशील फोटो निकाली और वीडियो बनाए। इसके बाद वह कैमरा सही कराने के बहाने से कोलकाता निकल गया। यहां उसने आईएसआई के एजेंट को ये संवेदनशील फोटो और वीडियो दिए। इसके बदले में इसे आईएसआई ने अबुधाबी, मुंबई, मेरठ, आंध्र प्रदेश और बिहार कई खातों में पैसे दिए।

जवाहर, पटेल, इंदिरा पर उंगली उठाना गलत, कल आप पर भी सवाल उठेंगे: फारुख अब्दुल्ला

आईएसआई एजेंटस से लगतार बात
जाचं के दौरान एजेंसियों ने यह पाया कि यह लगातार ही आईएसआई जासूसों से जुड़ा था। दस से अधिक बार तो वह सीधे ही मुलाकात कर चुका था। फोन पर बातों की संख्या तो काफी ज्यादा है। इसी दौरान यह भारतीय खुफिया एजेंसी के राडार पर आ गया और जब निगरानी की गई तो बहुत संवेदनशील सूचनाएं चोरी किए जाने का खुलासा हुआ।

ट्रेंडिंग वीडियो