Fake Medicines in covid-19 treatment: दिल्ली में कोरोना इलाज के लिए बन रहे नकली इंजेक्शन, सरगना गिरफ्तार

  • दिल्ली में बन रहे Fake Medicines in covid-19 treatment
  • स्विट्जरलैंड में बनने वाले टोसिलिजुमैब इंजेक्शन की नकली दवा की हो रही थी कालाबाजारी
  • एक लाख रुपए में बेचा जा रहा था एक इंजेक्शन

By: धीरज शर्मा

Updated: 01 Oct 2020, 07:53 AM IST

नई दिल्ली। देशभर में बढ़ रहे कोरोना वायरस के खतरे के बीच कई राज्यों में इसकी नकली दवाएं भी बनाई ( Fake Medicines in Covid 19 Treatment ) जा रही हैं। कोरोना के इलाज के लिए टोसिलिजुमैब इंजेक्शन का काफी इस्तेमाल हो रहा था। यही वजह है कि इसकी ब्लैक मार्केटिंग की खबरें भी सामने आईं। लेकिन अब इन इंजेक्शनों को लेकर एक और बड़ा खुलासा हुआ है।

दरअसल ये इंजेक्शन नकली भी बनाए जा रहे हैं। दिल्ली में कोरोना के इलाज के लिए बनाई जा रही ऐसी ही दवाओं का खुलासा हुआ है। इस मामले में दिल्ली पुलिस में अजय नाशा नाम का मुख्य सरगना को भी पकड़ लिया है।

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कोरोना के इलाज के नाम पर नकली दवाई बनाने वाले मुख्य सरगना को पकड़ लिया गया है। डीसीपी अकबर पठान के मुताबिक हमने इस केस में दिल्ली से अजय नाशा नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
डीसीपी ने बताया कि नाशा का दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में मेडिकल स्टोर था। दरअसल कोरोना के इलाज के लिए अभी वैक्सीन बनी नहीं है, लेकिन केंद्र सरकार ने कुछ दवाओं और इंजेक्शन को आपात स्थितियों में डॉक्टरों की सिफारिश पर इस्तेमाल की इजाजत दी है। टोसिलिजुमैब ( Tocilzumab ) इंजेक्शन इनमें से एक है।

ऐसे पकड़ाया अजय नाशा

पुलिस के मुताबिक अजय का नाम आजम नसीर खान से पूछताछ में सामने आया है। आजम को बांद्रा क्राइम ब्रांच ने 4 अगस्त को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 15 इंजेक्शन भी जब्त किए थे।

स्विट्जरलैंड में बनते हैं इंजेक्शन
जांच अधिकारी नंदकुमार गोपाले के मुताबिक टोसिलिजुमैब इंजेक्शन स्विट्जरलैंड में बनते हैं। भारत में इसे सिपला दवा कंपनी के जरिए बेचा जाता है।

ऐसे हुआ खुलासा
अगस्त में जब्त इंजेक्शन को जब हमने सिपला कंपनी के पास चेकिंग के लिए भेजा, तो वहां से इसके सैंपल्स स्विट्जरलैंड भेजे गए। वहां से पुष्टि हुई कि ये इंजेक्शन नकली हैं।

देश का पहला मामला
गोपाले ने बताया कि इन इंजेक्शनों के ब्लैक में बेचने के कई मामले आए, लेकिन नकली तरीके से बनाने और पकड़े जाने का यह देश का पहला मामला है।

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1 लाख का 1 इंजेक्‍शन
आजम नसीर खान कोरोना के इलाज के नाम पर बन रहे 40 हजार रुपए के इस नकली इंजेक्शन को 1 लाख रुपए में बेच रहा था। आजम ने तब बताया था कि यह इंजेक्शन स्विट्जरलैंड से भारत में किसी बड़ी दवा कंपनी द्वारा मंगाया जाता है और फिर डिस्ट्रिब्यूटर्स को भेजा जाता है।

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