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इस फसल की खेती से MP के किसान होंगे मालामाल, मणिपुर से पहुंचे स्टीविया टिशू कल्चर के पौधे

मणिपुर से पन्ना पहुंचे स्टीविया टिशूकल्चर के पौधे, जिले में 200 हेक्टेयर में रोपे जाने हैं स्टीविया के पौध, पन्ना 150 करोड़ रुपए की लागत से खुलेगी प्रोसेसिंग यूनिट
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पन्ना

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Rudra pratap singh

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Updated: 11 Jul 2018, 4:20 PM IST

Farmers of this crop will be cultivating this crop in panna mp

Farmers of this crop will be cultivating this crop in panna mp

पन्ना। जिले में इस साल स्टीविय की 200 हेक्टेयर में खेती का अनुबंध किया गया है। इसके लिये शासन की ओर से किसानों को स्टीविया के पौधे दिए जा रहे हैं। जिसके तहत मणिपुर की राजधानी इंफाल से स्टीविया टिषूकल्चर के पौधों की पहली खेप पन्ना पहुंच गई है। जिसे खेतों में लगाने के लिये किसानों को सौंपा गया है।

कृषि विशेषज्ञों ने दी जानकारी
सहायक संचालक उद्यानिकी एमके. भट्ट ने बताया , उद्यानिकी विभाग मप्र. शासन औरं नसर्ग एग्रोटेक की ओर से पन्ना में स्टीविया की अनुबंध खेती की शुरुआत की गई है। जिले में एके. मुदगल तकनीकी मार्गदर्र्शक के निर्देशन में किसान हरीलाल कुशवाहा ग्राम जनकपुर, रामधाम लोध खोरा, माधवेन्द्र सिंह सिमरी, नीलम सिंह देवेन्द्रनगर एवं रमेश लोध ग्राम भदैया को 40-40 हजार स्टीविया के पौधे प्रदाय किए गए हैं

बताया कि कृषकों का खेत तैयार कराकर मेड़ों में स्टीविया के पौधे 15 सेमी. पौधे से पौधे की दूरी एवं 45 सेमी. कतार से कतार की दूरी पर रोपित कराए जा रहे हैं। रोपण के पहले दिन 15 वे दिन एवं 30 वे दिन मिट्टी में डालने का मार्गदर्शन दिया गया। जिले में स्टीविया की खेती किये जाने जाने हेतु कृषकों द्वारा कार्यालय वफील्ड स्तर पर लगातर जानकारी ली जा रही है।

किसानों द्वारा स्टीविया की खेती में निरंतर रूझान लिया जा रहा है। यदि इसी तरह कृषकों द्वारा निरंतर संपर्क कर स्टीविया की खेती करने की उत्सुकता बनी रही तो वास्तव में पन्ना जिले के लिये मीठी क्रांति के रूप विशेष उपलब्धि साबित होगी । स्टीविया की खेती से कृषकों का सालाना प्रति एकड़ 1.40 लाख की आय प्राप्त होगी।

पन्ना में लगाई जाएगी प्रोसेसिंग यूनिट
उन्होंने बताया विश्व में मधुमेह के रोगियों की संख्या बढ़ रही है, स्टीविया लो कैलोरी के कारण मधुमेह के रोगी आराम से खा सकते है। स्टीविया की पत्ती शक्कर से 30 गुना अधिक मीठी होती हैै तथा स्टीविया पत्ती से निर्मित पाउडर शक्कर से 300 गुना अधिक मीठा रहता है। तकनीकी मार्गदर्शक संचालनालय उद्यानिकी भोपाल मुदगल ने बताया , पन्ना जिले में 150 करोड़ की लागत की प्रोसेसिंग इकाई स्थापित कराई जाएगी। जिसमें स्टीविया की पत्ती से पाउडर बनाया जाएगा जो की शक्कर से 300 गुना अधिक मीठा होता है। स्टीविया की प्रोसेेसिंग इकाई स्थापित होने से पन्ना के बेरोजगार को रोजगार मिलेगा तथा किसानों की आर्थिक दशा सुधरेगी।