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गैंगरेप पीड़िता का क्राइम ब्रांच चीफ पर बड़ा आरोप, पूछे जा रहे हैं बेहद अश्लील सवाल

पीड़िता ने गुजरात पुलिस के क्राइम ब्रांच चीफ जेक भट्ट पर गभीर आरोप लगाए हैं।

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Kapil Tiwari

Jul 02, 2018

Gang Rape Victim

Gang Rape Victim

अहमदाबाद। एक गैंगरेप के मामले की जांच कर रही गुजरात पुलिस पर रेप पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। दरअसल, ये लड़की चलती गाड़ी में गैंगरेप का शिकार हुई थी। 22 साल की पीड़िता ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और गुजरात पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। पीड़िता ने गुजरात पुलिस के क्राइम ब्रांच चीफ के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीड़िता ने कहा कि क्राइम ब्रांच के स्पेशल पुलिस कमिश्नर जेके भट्ट आरोपियों के खिलाफ ठीक से कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, वो आरोपियों की मदद कर रहे हैं। पीड़िता ने कहा कि इसके अलावा मुझ से भी जांच के दौरान कई भद्दे सवाल पूछे गए हैं। पीड़िता ने मांग की कि मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।

गैंगरेप पीड़िता ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
गैंगरेप पीड़िता ने आरोप लगाया है कि जेके भट्ट ने ऐसे सवाल किए हैं जो किसी रेप पीड़िता से कभी नहीं पूछे जाने चाहिए। पीड़िता ने बताया, 'उन्होंने मुझसे कहा कि गुप्तांगों में लकड़ी डालना रेप नहीं कहलाता है। इस तरह के सवालों की वजह से ही रेप पीड़िता पुलिस से शिकायत करने के बजाय आत्महत्या करना बेहतर समझती हैं। यहां तक कि मेरे मन भी एक समय पर आत्महत्या के लिए विचार आया था।' पीड़िता ने बताया कि उसे बंधक बनाकर सैटलाइट और घोडासर इलाके में रेप किया गया।

एफआईआर बदलने का बनाया दबाव- रेप पीड़िता
पीड़िता ने कहा, कि जेके भट्ट ने मुझसे पूछा कि मैं उस दिन आप घटनास्थल पर क्यों गई थीं। पीड़िता ने कहा, 'उन्होंने कई बार मुझसे ऊंची आवाज में बात की और रेप एफआईआर को चीटिंग शिकायत में बदलने का दबाव भी बनाया।' पीड़िता ने क्राइम ब्रांच चीफ पर आरोप लगाया है कि उन्होंने मुझसे कहा था कि मैंने बदले की भावना से रेप की एफआईआर दर्ज कराई है, क्योंकि मेरा आरोप से ब्रेकअप हुआ था। पीड़िता ने गुजारिश की केस की जांच महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा होनी चाहिए।'

पुलिस की सफाई, पीड़िता का विश्वास जीतने की करेंगे कोशिश
पीड़िता के इन आरोपों पर पुलिस की तरफ से सफाई आई है और कहा गया है कि 'हम पुलिस पर लगे आरोपों की जांच जरूर करेंगे लेकिन हमारी प्राथमिकता सच सामने लाने की है।' ये बातें सिटी पुलिस कमिश्नर एके सिंह ने कहींं। उन्होंने यह भी कहा कि एफआईआर के ब्यौरे और हमने जो सबूत जुटाएं हैं उसमें काफी अंतर है। इन सबूतों में सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड्स, लोकेशन और मोबाइल फरेंसिक्स शामिल है। एके सिंह ने कहा कि हालांकि वह विरोधाभासी सबूतों के साथ केस को ट्रायल के लिए नहीं भेजना चाहते और पीड़िता से ही बातचीत करते हुए मामले को मजबूत बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'हमारी टीम एक बार फिर से पीड़िता का यकीन जीतेगी और सही दिशा में काम करेगी।'