
गुजरात: रेप के तीन दिन बाद भी साबरकंठा में तनाव बरकरार, पुलिस ने एहतियातन बढ़ाई सुरक्षा
नई दिल्ली। चौहद महीने की एक बच्ची के साथ रेप के बाद गुजरात में फैली को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीएम विजय रुपाणी सरकार से विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है। साथ ही कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि गुजरात के साबरकंठा में 14 महीने की लड़की के साथ बलात्कार के बाद हिंसक घटना के तीन दिन बाद भी तनाव बरकरार है। स्थानीय पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि धरना-प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। बता दें कि शुक्रवार को 14 महीने की एक लड़की के साथ बलात्कार की घटना के बाद गुजरात के कुछ जिलों गैर गुजरातियों के खिलाफ हिंसक घटनाएं हुईं। इससे क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। बिहार, यूपी और मध्य प्रदेश सहित दूसरे राज्यों के लोग पलायन करने लगे हैं।
अफवाहों से बचने की अपील
एसपी चैतन्य मांडलिक ने बताया है कि तनाव को देखते हुए एहतियातन संवेदनशील क्षेत्रों और कारखानों में पर्याप्त सुरक्षा तैनात की है। इसके साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि वे शांति बनाए रखें। इस मामले में पुलिस को अपना काम करने दें। किसी भी आरोपी को बक्शा नहीं जाएगा। पुलिस प्रशासन ने लोगों से कहा है कि सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों पर विश्वास न करें।
गैर गुजरातियों को डरने की जरूरत नहीं
रविवार को कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर ने बयान जारी कर कहा था कि उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कभी भी क्षत्रिय ठाकोर सेना को गैर गुजरातियों पर हमले या हिंसा में शामिल होने के लिए नहीं कहा। उन्होंने ये मांग भी रखी कि 72 घंटों के अंदर उनके समाज के निर्दोष लोगों के खिलाफ दर्ज मामले रद्द किए जाने चाहिए। साथ ही पुलिस प्रशासन शांति बहाली की दिशा में प्रभावी कदम उठाए। ठाकोर ने कहा था कि जो भी लोग इस हिंसा के पीछे हैं, मैं उनसे शांति की अपील करता हूं। उसमें हमारे समाज और सेना के लोग भी हो सकते हैं। लेकिन हमारी ओर से हमला करने का कोई आदेश नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। गुजरात में सभी समुदाय के लोग सुरक्षित हैं। गुजरात से बाहर के लोगों को भी डरने की आवश्यकता नहीं है।
हिंसा के मामले में 170 गिरफ्तार
गुजरात के डीजी शिवानंद झा ने बताया है कि इस तरह के हमले पिछले एक हफ्ते में गांधीनगर, मेहसाना, साबरकांठा, पाटन और अहमदाबाद जिलों में हुए हैं। हिंसक घटनाओं के मामले में 170 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर गैर गुजरातियों, खासकर बिहार एवं उत्तर प्रदेश के लोगों के खिलाफ नफरत भरे संदेश फैलाए जाने के बाद ये हमले हुए। उन्होंने जानकारी दी है कि गैर गुजरातियों पर हमले के बाद से राज्य के विभिन्न जिलों में अब तक 18 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। हम इस तरह की गतिविधियों की किसी भी कीमत में अनुमति नहीं देंगे। हमने कारखानों और हाउसिंग सोसाइटियों में निगरानी बढ़ा दी है।
Updated on:
08 Oct 2018 12:32 pm
Published on:
08 Oct 2018 08:34 am
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