
जम्मू-कश्मीर: पुलवामा में तहरीक-उल-मुजाहिदीन का एक आतंकी ढेर, निकला ग्रेनेड हमले का आरोपी
नई दिल्ली। जम्मू और कश्मीर में सेना के जवानों ने पुलवामा में एक आतंकी को मार गिराया। आतंकी तहरीक-उल-मुजाहिदीन (टीयूएम) से जुड़ा है। यह पुलिस पार्टी पर ग्रेनेट हमले किया था। उसने बारामुला के पट्टन इलाके में इस घटना को अंजाम दिया था। इस मामले में सेना और पुलिस को इस आतंकी तलाश थी। मौके से हथियार और गोला बारूद बरामद हुआ है। सेना को ग्रेनेड हमले में टीयूएम के अन्य आरोपियों की भी तलाश है।
पांच दिन पहले डार हुआ था ढेर
पांच दिन पहले भी जम्मू और कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुआ था। मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया था। मारे गए आतंकी की पहचान शब्बीर अहमद डार के रूप में हुई थी। उस दिन सेना, एसओजी और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने जहूर ठोकर और कुछ और आतंकियों की सूचना पर ऑपरेशन चला था। जहूर हिज्बुल का कमांडर है। वह 2016 में टेरीटोरियल आर्मी से भागकर आतंकी बना था। मौके से ठाकूर और बाकी आतंकी मौके से फरार हो गए थे। पुलवामा के एसएसपी ने बताया था कि मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया। आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ शुक्रवार देर रात हुई थी।
मन्नान वानी को लगाया ठिकाने
इससे पहले दस अक्टूबर को भी बारामुला में आतंकी फायरिंग में एक पुलिसकर्मी की जान चली गई थी। इसके जवाब में जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा के हंदवाड़ा में सुरक्षाबलों ने एक बड़े ऑपरेशन के दौरान हिज्बुल मुजाहिदीन के तीन आतंकियों को मार गिराया था। इसमें अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) का पूर्व छात्र और रिसर्च स्कॉलर मन्नाव वानी भी शामिल था। मन्नान हिज्बुल का स्थानीय कमांडर भी था। इसी मन्नान को लेकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में बवाल मचा। उसके समर्थन में एएमयू में सभा आयोजित करने पर दो छात्रों को निलंबित कर दिया गया। इस बात को लेकर एएमयू में आज भी तनाव की स्थिति है। यूनिवर्सिटी के 12 सौ छात्रों ने कार्रवाई के खिलाफ डिग्री वापस करने और पढ़ाई छोड़ने की धमकी भी दे रखी है।
Published on:
18 Oct 2018 09:16 am
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