
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में गोलीबारी की खबर सामने आई है। यहां सीमा पार से हुई गोलीबारी में एक जवान शहीद हो गया है।
वहीं, भारतीय सेना में तुरंत मोर्चा संभालते हुए पाक सेना को मुंहतोड़ जवाब दिया है। आपको बता दें कि जम्मू—कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 हटने के बाद से पाकिस्तान बुरी तरह से बौखलाया हुआ है।
यही वजह है कि कश्मीर में दहशतगर्दी फैलाने के लिए समय-समय पर सीजफायर के उल्लघंन के साथ आतंकी घटनाओं को अंजाम देने में जुटा है।
जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम उल्लंघन इस साल के प्रथम नौ महीनों के दौरान पांच सालों में सबसे ज्यादा रहा।
भारतीय सेना के आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में दो अक्टूबर तक 2,225 बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया, जिसका मतलब है कि इस अवधि के दौरान उसने एक दिन में औसतन आठ बार संघर्षविराम उल्लंघन किया।
इसकी तुलना में, 2018 में पूरे वर्ष के दौरान पाकिस्तान द्वारा संघर्षविराम उल्लंघन की कुल संख्या 1,629 थी।
एक रक्षा अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान ने इस साल फरवरी में बालाकोट हवाई हमलों के बाद संघर्षविराम उल्लंघन बढ़ा दिया और फिर अगस्त में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा निरस्त करने के बाद भी संघर्षविराम उल्लंघन तेज कर दिया।
अधिकारी ने कहा कि संघर्षविराम उल्लंघन के ज्यादातर मामले पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने की कोशिशों से जुड़ी है।
खुफिया रपटों से पता चला है कि पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ के लिए माकूल मौका मिलने पर भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कराने की कोशिश की जाती है।
सेना के सूत्रों ने कहा कि भारत ने हर संघर्षविराम उल्लंघन का मुंहतोड़ जवाब दिया है।
एलओसी पर भारतीय चौकियों पर बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) के हमलों को अंजाम देने की पाकिस्तान की कोशिशें भी हुई हैं। बैट टीम में आमतौर पर पाकिस्तानी सेना के कमांडो और आतंकवादी होते हैं।
जुलाई के अंतिम सप्ताह में, भारतीय सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर में केरन सेक्टर की एक अग्रिम चौकी के पास पांच बैट हमलावरों को मार गिराया था।
उनके शवों पर पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा दावा नहीं किया गया। सेना के आंकड़ों के अनुसार, 2018 में पूरे वर्ष के दौरान 318 के मुकाबले दो अक्टूबर तक एलओसी के पास और जम्मू-कश्मीर के भीतरी इलाकों में 123 आतंकवादी घटनाएं हुई हैं।
सेना ने 2018 में 254 और 2017 में 213 के मुकाबले इस साल दो अक्टूबर तक 140 आतंकवादियों को मार गिराया है।
Updated on:
12 Oct 2019 08:36 am
Published on:
11 Oct 2019 05:19 pm
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