
EVM theft in Pune: महाराष्ट्र के पुणे में चोरी करने के लिए चोर पुरंदर तालुका स्थित तहसीलदार कार्यालय में घुस गए। खजाने की तलाश कर रहे चोरों ने अपने साथ पैसों का बक्सा समझकर EVM मशीन को ही उठा ले गए। पकड़े गए आरोपियों का कहना है कि उन्हें लगा कि ब्रीफकेस जैसे डिब्बे में पैसे होंगे इसलिए वे इसे उठा ले गए। हालांकि चोरों ने मशीन के साथ कोई तोड़फोड़ नहीं की थी। वहीं, पुलिस को संदेह है कि चोर नशे की हालत में चोरी करने गए होंगे।
आपको बता दें कि यह घटना लगभग एक साल पुरानी है। 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले पुणे के पुरंदर तालुका स्थित तहसीलदार कार्यालय से EVM मशीन को चोरों ने चुरा लिया। इस मामले को लेकर पुरंदर के नायब तहसीलदार संतोष सनप ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस में दर्ज की गई रिपोर्ट के अनुसार, 6 फरवरी की सुबह जब वह ऑफिस खोलने के लिए गए तो पहले से ही ताला टूटा हुआ था। अंदर सभी सामानों की जांच की गई तो पता चला कि स्ट्रांग रूम से 18,500 रुपये कीमत की एक EVM गायब है। जब कार्यालय में लगे सीसीटीवी चेक की गई तो पता चला कि यह चोरी 3 फरवरी को हुई है। सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि 3 फरवरी की रात तीन लोग कार्यालय में घुस रहे हैं। घटना वाले दिन कोई भी पुलिसकर्मी या होमगार्ड ड्यूटी पर तैनात नहीं था। घटना की सूचना मिलते ही पुणे के वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई।
EVM चोरी की शिकायत दर्ज कराने के बाद मामले की छानबीन करने के लिए एलसीबी इंस्पेक्टर अविनाश शिलिमकर को जिम्मेदारी सौंपी गई। जांच के दौरान आरोपियों की पहचान करने के लिए 27 किलोमीटर के इलाके में लगे CCTV कैमरों की मदद ली गई, जिसके बाद आरोपियों की सासवड-मालशिरस की ओर भागते हुए फुटेज मिली। जिसके आधार पर पुलिस ने पुरंदर निवासी शिवाजी बंडगर उर्फ भैय्या और अजींक्य सालुंखे को दबोच लिया और उनके पास से EVM मशीन बरामद कर ली। इसके कुछ दिन बाद तीसरे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि बक्से में ईवीएम है, उन्हें लगा था कि इसमें पैसा भरा हुआ है।
आपको बता दें कि तीनों आरोपियों की जमानत खारिज हो चुकी है और वे फिलहाल जेल में हैं, जबकि मामले में चार्जशीट दाखिल कर केस पुणे की अदालत में विचाराधीन है। वहीं, दिसंबर 2023 से तहसीलदार कार्यालय में रखी गई 40 EVM की सुरक्षा में हुई चूक सामने आने के बाद लापरवाही के आरोप में एक पुलिस गार्ड को निलंबित कर दिया गया। वहीं, इस केस को सॉल्व करने वाले वालेइंस्पेक्टर शिलिमकर को 77वें गणतंत्र दिवस से पहले राष्ट्रपति पुलिस पदक (विशिष्ट सेवा) के लिए नामित किया गया।
Published on:
26 Jan 2026 05:50 pm
बड़ी खबरें
View Allपुणे
महाराष्ट्र न्यूज़
ट्रेंडिंग
