
झारखंड मॉब लिंचिंग: मुख्य आरोपी समेत 5 गिफ्तार, हत्या की जांच के लिए SIT गठित
नई दिल्ली। झारखंड के सरायकेला में हुई मॉब लिंचिंग की वारदात ने रघुवर दास सरकार को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। सोमवार को संसद के दोनों सदनों में मॉब लिंचिंग की गूंज सुनाई दी। इसी बीच पुलिस ने Jharkhand Mob lynching मामले में शामिल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। सरायकेला थाना प्रभारी को भी सस्पेंड कर दिया गया है। तबरेज अंसारी की हत्या का मुख्य आरोपी पप्पू मंडल भी पकड़ा गया है।
अब एक्शन में आई रघुबर सरकार
बाइक चुराने के आरोप में 22 साल के तबरेज अंसारी की हुई मॉब लिंचिंग की जांच के लिए रघुबर सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। पिछले दिनों धातकीडीह गांव में भीड़ ने बेरहमी से तबरेज की पिटाई की थी। रविवार को पीड़ित ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
दोषियों के लिए मृत्यु दंड की मांग
तबरेज आलम के परिवार ने दोषियों को आईपीसी की धारा 302 (मृत्यु दंड या उम्रकैद) के तहत सजा देने की मांग की है। परिवार ने अंसारी की पत्नी शाइस्ता परवीन के लिए सरकारी नौकरी और तत्काल मुआवजे की मांग की है।
अल्पसंख्यक आयोग की भी है नजर
दूसरी ओर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर बात की है। सैयद गय्यूर उल-हसन रिजवी ने कहा कि भीड़ को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए।
झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग की तीन सदस्यीय टीम मंगलवार को सरायकेला-खरसावां का दौरा करेगी। टीम तबरेज अंसारी की हत्या की जांच-पड़ताल करेगी और सरकार को अपने स्तर से रिपोर्ट भेजेगी।
वीडियो वायरल होने के बाद सामने आया मामला
तबरेज अंसारी ( Jharkhand Mob Lynching ) मॉब लिंचिंग का वीडियो वायरल होने के बाद यह घटना सामने आई। जिसमें भीड़ पेड़ से बंधे अंसारी को पीटते हुए नजर आ रही थी। पिटाई के बाद भीड़ ने उसे पुलिस को सौंप दिया था।
हालत बिगड़ने के बाद उसे एक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा और रविवार को अस्पताल में उसकी मौत हो गई। अंसारी की पत्नी शाइस्ता परवीन ने कहा कि उनके पति को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पिटाई की गई और 'जय श्री राम' का नारा लगाने के लिए मजबूर किया गया था।
Updated on:
25 Jun 2019 07:58 am
Published on:
24 Jun 2019 09:46 pm
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