
Swapna Suresh moves HC in Kerala Gold Smuggling Case
तिरुवंतनतपुरम। केरल में 30 किलोग्राम सोने की तस्करी के मामले ( Kerala Gold Smuggling ) में कस्टम अधिकारियों ने बड़ा खुलासा किया है। सीमा शुल्क विभाग और रेवेन्यू इंटेलिजेंस निदेशालय के सूत्रों के मुताबिक कोरोना वायरस महामारी ( COVID-19 ) के चलते कस्टम अधिकारियों द्वारा हवाई अड्डों पर पुख्ता जांच ना किए जा सकने के चलते सोने के तस्कर विशेष चार्टर्ड विमानों से पश्चिमी एशिया से यहां सोना ला रहे हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। जबकि इस मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ( swapna suresh ) ने केरल उच्च न्यायालय ( Kerala High Court ) में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई है।
सीमा शुल्क आयुक्त (कोच्चि) सुमित कुमार ने कहा कि तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर रविवार को राजनयिक कार्गो से 30 किलोग्राम सोना जब्त होने के बाद मामला देश की सुर्खियों में आ गया। उन्होंने अब तक राज्य के चार हवाई अड्डों पर खाड़ी देशों से अप्रवासियों के साथ लौटने वाली चार्टर्ड उड़ानों के दो दर्जन मामलों में 20 किलो सोना जब्त किया है।
कुमार ने बताया कि पश्चिम एशियाई देशों में सक्रिय सोने के तस्कर यात्रियों को निकासी के लिए जाने वाली उड़ानों में कैरियर के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। केरल की एक चार्टर्ड उड़ान के लिए केवल 13 से 14 लाख रुपये की आवश्यकता पड़ती है। तस्करों का सिंडिकेट आसानी से इतना भुगतान कर सकता है और यात्रियों को टिकट का भुगतान या कमीशन देकर उन्हें सोने का कैरियर बना सकता है। गिरोह इस तरीके से कई करोड़ का सोना भेज सकते हैं। हालात का फायदा उठाते हुए तस्कर संकट में फंसे लोगों को भर्ती करने में कामयाब रहे हैं
केंद्र सरकार सख्त
केंद्रीय राज्यमंत्री और केरल के वरिष्ठ भाजपा नेता एम मुरलीधरन ने कहा है कि केंद्र सराकर ने "इस घोटाले को गंभीरता से लिया है और दोषियों की पहचान करने के लिए कदम उठाए हैं।" जबकि कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्निथला ने केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ( Kerala CM Pinarayi Vijayan ) के इस्तीफे का मांग की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) इस तस्करी कांड में शामिल है। मुख्य सचिव को हटाना मुख्यमंत्री को आरोपमुक्त कर देने के लिए पर्याप्त नहीं होगा।
मुरलीधरन ने कहा इस मामले में मुख्यमंत्री आरोप से बच नहीं सकते। इसके कुछ घंटों बाद ही सीएम विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi ) को पत्र लिखकर केंद्रीय जांच एजेंसियों से इस मामले की प्रभावी जांच कराने की मांग की। उन्होंने लिखा कि इस मामले की आरंभ से अंत तक पूरी जांच की जाए। इस अपराध से जुड़े सभी संपर्क सामने लाए जाएं ताकि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति ना हो सके।
बुधवार देर रात एक के बाद एक ट्वीट में मुरलीधरन ने केंद्र सरकार को लिखा, "यह सुनिश्चित करें कि इस अपराध से जुड़े सभी लोगों के नाम मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। केरल के मुख्यमंत्री मामले को UAE के वाणिज्य दूतावास से जोड़कर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि वह इस तथ्य की आसानी से अनदेखी कर रहे है कि वाहक ( कैरियर) मुख्यमंत्री कार्यालय के अंतर्गत एक विभागीय कर्मचारी थी।"
हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
वहीं, इस मामले की आरोपी स्वप्ना सुरेश ने केरल उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई है। हाईकोर्ट इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा। स्वप्ना ने इस याचिका में दावा किया है कि वह निर्दोष हैं और मीडिया उन पर निराधार आरोप लगा रही है। उन्होंने याचिका में दावा किया है कि उनके पास बैगेज को क्लीयर करने के लिए जरूरी क्रिडेंशियल्स हैं। यूएई वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने उनसे ऐसा करने के लिए कहा था।
इस मामले ने केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन को हिला कर दिया है। स्वप्ना सुरेश राज्य में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार की करीबी मानी जाती हैं। संदिग्ध योग्यता होने के बाद भी वह ऊंचे वेतन वाली नौकरी कर रही थीं। इसके अलावा स्वप्ना वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एम शिवशंकर की बेहद करीबी हैं। शिवशंकर, विजयन के सचिव और राज्य के आईटी सचिव हैं।
Updated on:
09 Jul 2020 07:12 pm
Published on:
09 Jul 2020 07:11 pm
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