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मुजफ्फरपुरः हर रात दी जाती थी नशीली दवा, न पीने वाले की होती थी पिटाई

मुजफ्फरपुर के शेल्टर हाउस में लड़कियों के साथ दरिंदगी का मामला। हर रात दुषर्कम के लिए दी जाती थी नशीली दवा। न लेने वाले का होता था बुरा हाल।
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नई दिल्ली

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Dheeraj Sharma

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Updated: 29 Jul 2018, 11:07 AM IST

shelter house

मुजफ्फरपुरः हर रात दी जाती थी नशीली दवा, न पीने वाले की होती थी पिटाई

पटना। मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में हुए दर्दनाक और शर्मनाक मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब इस मामले में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शेल्टर से छुड़ाई गई एक लड़की ने बताया कि हमें हर रात कोई दवा दी जाती थी, जिसके कारण नशा सा होता था। आंटी हमें बृजेश सर के कमरे में सोने के लिए कहती थीं, जहां पर वह कई आने-जाने वालों से मिला करते थे। यही नहीं जो दवा ना खाने की बात करता था उसकी पिटाई की जाती थी, यहा तक की उसे जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी।

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शनिवार को इन सभी लड़कियों को पटना की पॉक्सो कोर्ट में पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान इस लड़कियों ने जब अपनी आपबीती सुनाई तो वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गई। पॉक्सो कोर्ट में पेश हुई एक 10 वर्ष की बच्ची ने बताया कि हर रात शेल्टर होम में उन्हें दिए जाने वाले खाने में नशीली दवा मिला दी जाती थी, जिसके कारण सारी रात नशा रहता था।

जब कोई भी इस नशीला दवा मिले भोजन को खाने से इनकार करता था तो उसकी जमकर पिटाई की जाती थी। बच्ची ने कहा कि उसे शेल्टर होम में काम करने वाली आंटी बृजेश के रूम में सोने के लिए कहती थी और कई बार सुबह उठने पर उसे उसके कपड़े जमीन पर पड़े मिलते थे। शरीर पर अजीब से निशान और दर्द होता था।
आपको बता दें कि शनिवार को आई मेडिकल रिपोर्ट में दुखद और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मेडिकल रिपोर्ट में शेल्टर से छुड़ाई गईं 34 लड़कियों के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई है।

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शेल्टर होम में नहीं थी कोई खिड़की
लड़कियों के साथ हुई दरिंदगी के इस मामले में एक और खुलासा हुई है। शेल्टर होम में न तो कोई खिड़की थी और न ही घर में रोशनदान बनाए गए थे। आस-पास रहने वाले लोगों की माने तो इस घर से लड़कियों के चीखने या चिल्लाने की आवाजें आती रहती थीं, लेकिन कभी कोई लड़की बाहर दिखाई नहीं देती थी। यहां तक की छत पर भी कभी कोई लड़की दिखाई नहीं दी।