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Pune Car Accident: नाबालिग की जमानत रद्द, पिता पहुंचा जेल… अग्रवाल परिवार पर भारी पड़े 72 घंटे!

Pune Car Accident Vishal Agarwal : पुणे कोर्ट ने नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल को 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

May 23, 2024

Pune Porsche update

Pune Porsche Car Case: पुणे में लग्जरी कार ‘पोर्शे’ से 2 इंजीनियरों को कुचलने के मामले में अग्रवाल परिवार की मुसीबत बढ़ती जा रही है। नाबालिग आरोपी के रियल एस्टेट कारोबारी पिता विशाल अग्रवाल को कोर्ट ने पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। वहीँ, इस कांड के 17 साल 8 महीने के नाबालिग मुख्य आरोपी की जमानत रद्द कर दी गई है। बुधवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने उसे 5 जून तक के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया है।

यह भी पढ़े-Pune: हिट एंड रन कांड वाले अग्रवाल परिवार का अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन? छोटा राजन का क्यों आया नाम

नाबालिग आरोपी ने ‘पोर्शे’ कार से रविवार तड़के कल्याणी नगर जंक्शन के करीब बाइक सवार दो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों अनीस अहुदिया (24) और अश्विनी कोस्टा (24) को बुरी तरह से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गयी थी। 24 वर्षीय दोनों आईटी पेशेवर मध्य प्रदेश के रहने वाले थे और पुणे में नौकरी करते थे। हादसे के समय नामी रियल एस्टेट कारोबारी विशाल अग्रवाल का नाबालिग बेटा कथित तौर पर शराब के नशे में पोर्शे कार चला रहा था।

लोगों में गुस्सा… शुरू हुई कार्रवाई!

पुलिस ने उसे घटनास्थल से हिरासत में लेकर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया था, लेकिन बोर्ड ने दुर्घटना के कुछ घंटों बाद रविवार को ही उसे जमानत दे दी। तब बोर्ड ने नाबालिग को सड़क दुर्घटना पर 300 शब्दों का निबंध लिखने और यातायात नियम पढने का निर्देश दिया था। जिसके बाद लोगों ने इस फैसले की भरसक आलोचना की थी। सरकार भी एक्शन मोड़ में आ गई और पुलिस को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। 24 घंटे के भीतर ही पुणे पुलिस ने आरोपी लड़के के पिता को अपनी कार अपने नाबालिग बेटे को देने के आरोप में किशोर न्याय अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया। साथ ही जिस पब-बार में नाबालिग ने शराब पी थी उसके मलिक, मैनेजर को गिरफ्तार कर उसे सील कर दिया।

इस बीच, पुलिस ने फिर से बोर्ड का रुख किया और पूर्व में दिये गये आदेश की समीक्षा की मांग करते हुए अपराध की जघन्य प्रकृति के आधार पर आरोपी के साथ नाबालिग के तौर पर नहीं बल्कि बालिग के रूप में व्यवहार करने की मंजूरी मांगी।

पुलिस ने जोड़ी नई धारा

पुलिस ने नाबालिग के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 304 (गैर इरादतन हत्या), 304 (ए) (लापरवाही से मौत), 279 (लापरवाही से वाहन चलाने), 337 (मानव जीवन को खतरे में डालने वाले कार्य से चोट पहुंचाना), 338 (जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कार्य से गंभीर चोट पहुंचाना) और मोटर वाहन अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही इस मामले में अब आईपीसी की धारा 185 को भी जोड़ा गया है।

दादा का अंडरवर्ल्ड से रिश्ता? पुलिस करेगी जांच

अग्रवाल परिवार के संबंध अंडरवर्ल्ड से होने के आरोप लग रहे है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाबालिग आरोपी के दादा सुरेंद्र कुमार अग्रवाल (Surendrakumar Agrawal) का संपत्ति को लेकर अपने भाई राम अग्रवाल से विवाद हो गया था। तब उन्होंने कथित तौर पर अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को सुपारी दी थी। 11 नवंबर 2009 के दिन छोटा राजन के शूटर ने राम अग्रवाल के साथी शिवसेना नेता अजय भोसले पर फायरिंग भी की थी। लेकिन वह बच गए और गोली उनके चालक को लगी। यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है।

क्या सच में अग्रवाल परिवार के अंडरवर्ल्ड से संबंध थे? इस पर पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने भी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, अग्रवाल परिवार के अंडरवर्ल्ड से संबंध हैं या नहीं, इसके बारे में जानकारी (पुराने मामले की) मंगवाई गई है। विशाल अग्रवाल का अंडरवर्ल्ड से रिश्ते है क्या? इसको लेकर जांच की जाएगी।