जम्मू कश्मीर में पत्‍थरबाजी पर लगाम लगाने की तैयारी तीन कश्मीरी अलगाववादी नेताओं से NIA करेगी पूछताछ पत्‍थरबाजी के लिए आतंकियों के जरिए घाटी में फंडिग
नई दिल्ली। कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी ( Stone pelting ) के मामलों पर लगाम लगाने के लिए एनआईए कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( nia ) की अपील पर अलगाववादी नेता शब्बीर शाह ( shabbir shah ), मसर्रत आलम भट्ट ( Masarat Alam bhat ) और आसिया अंद्राबी ( Asiya Andrabi ) को 10 दिन तक एनआईए की हिरासत में रखने का आदेश दिया है। तीनोंं पर पत्थरबाजी और आतंकवादी गतिविधियों के लिये धन मुहैया कराने का आरोप है।
NIA ने मांगी थी 15 दिन की कस्टडी
दिल्ली के पटियाला हाउस स्थित एनआईए कोर्ट के सामने एजेंसी ने कहा कि घाटी में पत्थरबाजी और आतंकवाद के वित्तपोषण के एक मामले में में तीनों से पूछताछ जरूरी है। एनआईए ने तीनों की 15 दिन की कस्टडी की मांग की थी। कोर्ट में लंबी जिरह के बाद कश्मीरी अलगाववादी नेता मसर्रत आलम और शब्बीर शाह, दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी की एनआईए कस्टडी को हरी झंडी दे दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राकेश सयाल ने तीनों को 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बंद कमरे में चल रही सुनवाई के बाद तीनों को एनआईए हिरासत में ले लिया है।
पत्थरबाजी के लिए फंडिग करते अलगाववादी
एनआईए की टीम कोर्ट रूम ही तीनों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है। एजेंसी कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी के लिए फंडिग करने वाले गिरोह और उससे सिस्टम की जानकारी हासिल करना चाहती है।
अब तक हो चुकी है इनकी गिरफ्तारी
अब तक एजेंसी ने अलगाववादी नेता आफताब हिलाली शाह ऊर्फ शाहिद-उल-इस्लाम, अयाज अकबर खांडे, फारूक अहमद डार ऊर्फ बिट्टा कराटे, नईम खान, अल्ताफ अहमद शाह, राजा मेहराजुद्दीन कलवल और बशीर अहमद भट्ट ऊर्फ पीर सैफुल्ला को गिरफ्तार किया है। अल्ताफ अहमद शाह कट्टरपंथी नेता सैयद अली गिलानी का दामाद है, जो जम्मू एवं कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाने की वकालत करता है। वहीं शाहिद-उल-इस्लाम फारूक डार का सहयोगी है और खांडेय गिलानी नीत हुर्रियत का प्रवक्ता है। वहीं, कश्मीर व्यापारी जहूर अहमद शाह वटाली को अगस्त 2017 को गिरफ्तार किया गया था।
पिछले साल दर्ज हुआ था केस
बता दें कि एनआईए ने 30 मई 2018 को एक प्राथमिकी दर्ज की थी। जिसमें हुर्रियत कॉन्फ्रेंस समेत कई अलगाववादी नेताओं के नाम शामिल थे। सभी पर हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों से संपर्क करने का आरोप था। वहीं एजेंसी ने लश्कर ए तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिद्दीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन समेत 12 लोगों के खिलाफ 18 जनवरी 2018 को आरोपपत्र दाखिल किया था।