
शीना बोरा मर्डर केस में बड़ा खुलासा, भाई ने कोर्ट में सुनाई मौत की कहानी
मुंबई: चर्चित शीना बोरा मर्डर केस में आज नया खुलासा सामने आया है। शीना के भाई मिखाइल बोरा ने सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में इंद्राणी मुखर्जी के खिलाफ बयान दर्ज कराया है। मिखाइल बोरा ने अपने बयान में घटनाओं का जिक्र किया कि किस प्रकार शीना की मौत का प्लान बनाया गया । बता दें कि इस मामले की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी फिलहाल जेल में बंद हैं। इससे पहले मिखाइल बोरा ने सीबीआई को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि उसे अपनी मां इंद्राणी मुखर्जी से खतरा है। इंद्राणी मुखर्जी इस हत्याकांड की मुख्य आरोपी है।
मिखाइल पहले ही जता चुका है डर
इससे पहले इस बहुचर्चित हत्याकांड के सरकारी गवाह बन चुके मिखाइल बोरा ने सीबीआई को एक खत लिखा कर अपनी जान को खतरा बताया। इस खत में उन्होंने अपनी मां इंद्राणी से खुद की जान का खतरा बताया । मिखाइल ने अपनी सुरक्षा बढ़ाए जाने के लिए भी मांग की । बता दें कि केस का सरकारी गवाह मिखाइल गुवाहाटी में ही रहता है। मिखाइल ने लिखा है कि इंद्राणी नहीं चाहती है कि उसकी मां दुर्गा रानी बोरा की वसीयत को अदालत की ओर से प्रमाणित किया जाए। इसलिए वह मिखाइल को परेशान करने के लिए कई तरह की कोशिशें कर रही है। दरअसल इस वसीयत के मुताबिक मिखाइल को सारी संपत्ति मिल जाएगी और इंद्राणी को कुछ नहीं मिलेगा। ई-मेल में लिखा है, 'मैं अपने घर में हमेशा अकेला रहता हूं। मेरी मदद के लिए कोई नहीं होता है। मुझे इंद्राणी मुखर्जी से अपनी जान का डर सता रहा है।'
इंद्राणी को भी जान का खतरा
बता दें कि मिखाइल इंद्राणी के पति की संतान है। इंद्राणी उसकी सगी मां नहीं है। बहरहाल अदालत ने सीबीआई की अर्जी पर कोई आदेश जारी नहीं किया, लेकिन उसने इंद्राणी की पूर्व सचिव काजल शर्मा की गवाही रिकार्ड करना जारी रखा। वहीं इसी केस में जेल की सजा काट रही इंद्राणी मुखर्जी भी अपनी जान का खतरा बता चुकी है। इंद्राणी के मुताबिक जेल में ही उसकी हत्या की जा सकती है। आए दिन इंद्राणी मुखर्जी को कई बार दवाओं के ओवरडोज लेने के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
शीना बोरा मर्डर केस
गौरतलब है कि इंद्राणी मुखर्जी और उनके पूर्व पति पीटर मुखर्जी की 24 वर्षीय बेटी शीना की अप्रैल 2012 में हत्या कर दी गई थी। हालांकि यह मामला अगस्त 2015 में चर्चा में आया। हत्या के बाद शीना के शव को जलाकर महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के जंगल में फेंक दिया गया था। इस मामले में की जांच सबसे पहले तो मुंबई पुलिस कर रही थी । लेकिन वित्तीय लेनदेन के शक के बाद इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
Published on:
23 Jul 2018 08:28 pm
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