
पलवल हत्याकांड के बाद नरेश धनखड़ के कारनामों से एक बार फिर लोगों के जेहन में साइको किलिंग की यादें ताजा हो गई हैं, जिन्होंने इससे पहले भी दहशत फैलाई हैं। इतिहास में झांकें तो ऐसे कई चेहरे सामने आते हैं, जिन्होंने साइको किलिंग से खूब दहशत फैलाई है। ऐसे ही कुछ साइको किलिंग के मामलों के बारे में हम आपको बता रहे हैं।
निठारी ने गंदा किया था यूपी के चमकदार शहर नोएडा को
इन लोगों में निठारी कांड के कुख्यात सुरेंद्र कोली का नाम लोगों के जेहन में अभी भी ताजा हैं। नोएडा के निठारी गांव में 2006 में मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के पीछे के नाले में 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई थी। कोठी में रहने वाले मोनिंदर सिंह अपने नौकर सुरेंद्र कोली के साथ बच्चों और महिलाओं को बहला-फुसलाकर कोठी में लाते थे। दोनों लोग उनके साथ गलत काम कर मार डालते थे और लाश के टुकड़े कर नाले में बहा देते थे। जांच में यह भी पता चला था कि दोनों लोग बच्चों का मांस भी खाते थे। पांच मामलों में दोषी पाते हुए सुरेंद्र कोली को पहले फांसी की सजा सुनाई गई थी जिसे बाद में आजीवन कारावास कर दिया गया।
महिला सीरियल किलर मल्लिका करती थी धनी औरतों का शिकार
देश की संभवतः पहली महिला सीरियल किलर मल्लिका बेंगलुरू में धनी महिला श्रद्धालुओं के बीच आतंक का पर्याय बन चुकी थी। मल्लिका के शिकार का तरीका भी अनोखा था। वह मंदिरों में परेशान धनी औरतों को खोजती थी जो किसी मन्नत के लिए मंदिर में परेशान होकर आती थी। वह ऐसी महिलाओं को पहचान कर उन्हें बेंगलुरू से बाहर एक मंदिर में जाकर 'मंडल पूजा' करने के लिए मनाती थी। वहां धनी औरतें जब पूजा करने पहुंचती थी तो मल्लिका उन्हें पवित्र पानी के नाम पर साइनाइड मिला पानी पिलाती थी और फिर उन्हें मारकर उनके सभी जेवरात वह लूट लेती थी। उसने लगभग 6 महिलाओं की हत्या की थी और पकड़े जाने से पिछले तीन महीनों में ही उसने पांच हत्याएं कर डाली थी। उसे अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
कुंवारी लड़कियों के लिए दहशत था साइनाइड मोहन
कुंवारी लड़कियों को प्यार के जाल में फंसाकर हत्या करने वाले सायनाइड मोहन की यादें लोगों को अब भी भयभीत कर देती हैं। कर्नाटक का एक टीचर आनंद कुनाल उर्फ मोहन कुमार कुंवारी लड़कियों को फंसाता था और उनके साथ शारीरिक संबंध बनाता था। जब वो गर्भवती हो जाती थी तो गर्भ निरोधक गोलियों के नाम पर आनंद उन्हें सायनाइड खिला देता था। 2003 से 2009 के बीच करीब 20 लड़कियों की हत्या करने वाले साइनाइड मोहन को 2013 में चार मामलों में दोषी पाते हुए मौत की सजा सुनाई गई थी।
बन चुकी है फिल्म, राघव 2.0
देश की आर्थिक राजधानी भी साइको किलर के आतंक से अछूती नहीं रही है। साठ के दशक में एक साइकोकिलर रमन राघव का आतंक इतना था कि मुंबई में कोई भी फुटपाथ पर सोने से डरता था। रमन राघव ने फुटपाथ पर सोते हुए करीब 40 लोगों के सिर पर पत्थर पटक-पटक कर हत्या कर डाली थी। इसकी हैवानियत के शिकार बच्चों से लेकर महिलाएं और बुजुर्ग भी बनते थे। उसके इन कारनामों के लिए उसे मौत की सजा सुनाई गई थी। वह मुंबई के लिए इतना खौफनाक चेहरा था कि गैगस्टर की कहानी से आकर्षित होने वाले बॉलीवुड ने उसकी कहानी को राघव 2.0 नाम से बड़े पर्दे पर उतारी है।
Published on:
03 Jan 2018 04:02 pm
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