
ग्वालियर। चोरों की टोली हर मोर्चे पर पुलिस को छका रही है। मकान दुकान में हाथ मारने वाले चोर तो पुलिस के लिए सिरदर्द साबित हो रहे हैँ। वाहन चोर भी उसकी निगरानी में सेंध लगा रहे है। पिछले 29 दिन में वाहन चोरों ने शहर और देहात से 38 बाइक उडाई हैं। पुलिस की नजर में इन गाडिय़ों की कीमत करीब 4 लाख रुपए हैं लेकिन जिन लोगों की गाडिय़ां चोरी हुई हैं वह चोरी गए वाहनों के दाम चार गुना ज्यादा मान रहे हैं। उनका कहना है गाडिय़ां नईं थीं। कुछ की गाडिय़ों में तो टैंक में छकाछक पेट्रोल भी भरा था। बस नजर चूकते हीं चोर गाडिय़ां लेकर चंपत हो गए। इससे जाहिर है कि शहर के बाजारों में वाहन चोरों का खुलेआम मूवमेंट रहा है। पुलिस इन चोरों को पहचान नहीं पाई है। वाहन चोरी की कुछ वारदातें सीसीटीवी में भी रेकार्ड हुई हैं। इनमें चोरों का चेहरा भी साफ दिखा है लेकिन चोर हाथ नहीं आए हैं। उधर पुलिस का कहना है कि त्योहार के टाइम पर बाजारों में काफी भीड़ रही है। वाहन चोरियों में बाहर के चोर भी शहर में आकर हाथ मार गए हैं। उनकी सटीक पहचान नहीं होने से चोर पकड़ से बाहर हैं।
देहात से 8 बाइक चुराईं
पुलिस के खाते में इस महीने वाहन चोरी की कुल 38 वारदातें आई हैं। इनमें 8 गाडिय़ां देहात से बाकी शहर से चोरी हुई है। चोरों ने दिनदहाड़े भीड़ भरे बाजारों में घुसकर वाहन चोरी किए हैं। इन्हें लेकर चोर शहर की सडक़ों पर घूमते हुए बेफ्रिक निकल गए। किसी भी जगह पर पुलिस की नजर उन पर नहीं पड़ी। जबकि त्योहार पर थाना और यातायात पुलिस दोनों सख्त निगरानी पर थे। उसके बावजूद वाहन चोर उन्हें चकमा देकर निकल गए।
बाहरी चोर बने सिरदर्द
क्राइम ब्रांच डीएसपी नागेन्द्र सिंह सिकरवार कहते हैं वाहन चोरी में पड़ोसी जिलों के अपराधी भी शामिल होते रहे हैं। ज्यादातर वाहन चोर आसपास के जिलों से शहर में आकर वारदातें कर रहे हैं। चोर गाड़ी चुराकर वाहन स्टेंड और दूसरी जगहों पर छिपाते हैं और मौका देखकर उसे अपने ठिकाने पर ले जाते हैं। वाहन चोरों को पकडऩे के लिए पुलिस लगातार कोशिश कर रही है। कुछ वाहन चोर हाथ भी आए हैं उनसे चोरी के वाहन मिले हैं। इन वारदातों में शामिल चोरों को भी तलाशा जा रहा है।
Updated on:
30 Oct 2025 07:30 pm
Published on:
30 Oct 2025 07:30 pm
