
yakub memon
मुंबई। मुंबई बम धमाकों के मुख्य साजिशकर्ता याकूब मेमन की पत्नी रहीन मेमन का कहना है कि उनके पति को सजा केवल इसलिए मिली क्योंकि उनके नाम के पीछे मेमन शब्द जुड़ा है। याकूब मेमन को 1993 के मुंबई बम धमाकों के आरोप में फांसी की सजा सुनाई गई है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी मेमन की दया याचिका को खारिज कर दिया।
वहीं याकूब मेमन की पत्नी रहीन मेमन उन्हें अब भी निर्दोष करार देती हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अल्लाह के साथ-साथ देश के कानून पर भी पूरा भरोसा है। उनका कहना है कि याकूब ने अपनी बेटी की कसम खाकर कहा था कि वह बेगुनाह हैं। रहीन भरोसा दिलाती हैं कि अगर याकूब सच में दोषी होते, तो वह बहुत पहले ही उसका साथ छोड़ चुकी होतीं।
उनका कहना है कि हम काफी समय का इंतजार कर रहे थे। उनकी बेटी पैदा होने वाली थी, जिसके कारण उन्होंने जल्द सबकुछ निपटाने का फैसला किया। वह कहती हैं कि असल में याकूब खुद ही 19 जुलाई 1994 को भारत लौट आया था, फिर भी पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने का दावा किया। रहीन ने कहा कि अगर याकूब दोषी होता तो वह खुद भारत क्यों आता। टाइगर और अयूब मेमन लौटकर नहीं आए क्योंकि वह जानते हैं कि उन्हें सजा जरूर होगी।
रहीन का कहना है कि उन्होंने पूरी कानूनी प्रक्रिया पर बहुत भरोसा किया था। वह कहती हैं कि याकूब हमेशा उनसे कहता था कि वह जेल से बाहर आ जाएगा क्योंकि वह बेगुनाह है। रहीन कहती हैं कि याकूब ने जज को माफ कर दिया है क्योंकि वह नफरत के सिलसिले को खत्म करना चाहता है। अब याकूब लड़ते-लड़ते थक चुका है। हालांकि अभी भी रहीन को उम्मीद है कि एक दिन याकूब सही सलामत जेल से बाहर आ जाएगा।
Published on:
29 Jul 2015 06:50 pm
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