
डबरा. कहते हैं कि अगर सही समय पर सही फैसला ले लिया जाए तो उसका नतीजा सुखद होता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है डबरा में। डबरा के पिछोर क्षेत्र की ग्राम पंचायत गढ़ी के आदिवासी दफाई में एक नाबालिग लड़की की शादी (child marrige) हो रही थी लेकिन इससे पहले कि नाबालिग शादी (minor girl) के बंधन में बंधती उसने हिम्मत दिखाई और एक फोन लगाकर अपनी शादी को रुकवा दिया। मंगलवार को नाबालिग के घर बारात आने वाली थी जो अब नहीं आएगी।
नाबालिग की हिम्मत को सलाम
दरअसल जिस लड़की की शादी हो रही थी वो नाबालिग है। घरवालों को काफी बार मनाने के बाद भी माता-पिता ने नाबालिग बेटी का रिश्ता तय कर दिया था। मंगलवार को नाबालिग की शादी थी बारात आने वाली थी पर इससे पहले ही नाबालिग ने हिम्मत दिखाते हुए कलेक्टर को फोन लगाकर अपनी शादी के बारे में जानकारी दे दी जिसके बाद कलेक्टर ने नियम विरुद्ध हो रही इस शादी के मामले को गंभीरता से लिया और महिला बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर को पुलिस के साथ शादी रोकने के लिए मौके पर भेजा।
सुपरवाइडर-पुलिस ने दी समझाईश
कलेक्टर के निर्देश मिलने के बाद महिला बाल विकास की सुपरवाइजर शिल्पा सिंह पुलिस के साथ नाबालिग के घर पहुंची और मामले की जांच शुरु की। नाबालिग के दस्तावेजों की जांच की तो पता चला कि जिस लड़की की शादी की जा रही थी उसकी उम्र 16 साल 10 महीने है। लड़की उम्र कम होने और उसके नाबालिग होने पर सुपरवाइजर ने नाबालिग की शादी रुकवाते हुए उसके माता-पिता को समझाइश दी। परिजन मान गए लेकिन मुश्किल थी लड़के वालों को कैसे सूचना दें। सुपरवाइजर शिल्पा सिंह ने नाबालिग लड़की के मंडप से ही लड़के पक्ष को फोन लगाया और उन्हें भी समझाइश देकर बारात न लाने की बात कही। मंगलवार को ही नाबालिग के घर बारात आने वाली थी।
Published on:
30 Jun 2020 05:38 pm
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