
दमोह। मध्यप्रदेश वन्य जीवों से समृद्ध होने लगा है। यह प्रदेश टाइगर स्टेट, तेंदुआ स्टेट, घड़ियाल स्टेट, गिद्ध स्टेट के साथ ही चीता स्टेट भी हो गया है। इसी राज्य के मड़ियादो बफर जोन में हाल ही में काला भेड़िया भी देखने को मिला जो मध्यप्रदेश से लुप्त होता जा रहा है।
पन्ना टाइगर रिजर्व मड़ियादो बफर में विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों की मौजूदगी देखने मिल रही है, जिसमें बड़ी सख्या में शाकाहारी वन्यप्राणी चीतल, सांभर, चिंकारा, नीलगाय, भेड़, बंदर, सूअर सहित विभिन्न प्रकार के वन्यप्राणी शामिल हैं।
इन दिनों मड़ियादो, तिंदनी बीट में तीन सियारों को एक साथ देखा जा रहा है। जिसमें एक भेडिय़ा काले कलर का है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव के घासा बंजारा, कन्ना बंजारा का कहना है कि एक सप्ताह से कस्बे से कुछ ही दूरी में जंगल में काला सियार देखने मिल रहा है, जो अन्य दो भेड़ियों के साथ है। काले रंग का भेडिय़ा बहुत ही भयानक और खूंखार दिखाई देता है। मड़ियादो बफर में तेदुओं के साथ साथ भेडिय़ा हैं। जो शिकार करने में माहिर होते हैं।
स्थानीय चरवाहों की भाषा में बिगना नाम से जाना जाता है। इनके द्वारा वन्यप्राणियों के अलावा मवेशियों और बकरियों के शिकार की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। बीते दिनों मडिय़ादो बीट में एक बंदर का शिकार भेडिय़ा के दल ने किया था। जिस में प्रत्यक्षदशियों ने बताया था बंदरों के दल को करीब आधा दर्जन भेडिय़ा पीछा करते आ रहे थे। जिनमें कुछ भेडिय़ा आगे घात लगा कर बैठे और जैसे ही बदंर का दल समीप आया, तो पहले घात लगाने वाले भेडिय़ों ने बंदर को पकड़कर मार दिया था।
चरवाहों की मानें तो तेंदुए और भेडिय़ा बकरियों व बछड़ों का आसानी से शिकार कर लेते हैं। चौरईया मडिय़ादो, चौरईया रजपुरा मार्ग पर रात्रि में आवागमन करने वाले वाहन चालकों द्वारा अनेक बार मार्ग के किनारे तेंदूओं के दिखाई देने की बात भी कही जाती है। इसके बाद चरवाहे भी सतर्क हो गए हैं।
पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर व बफर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के वन्यप्राणी पाए जाते हैं जिनमें कुछ विलुप्त प्रजाती के भी हैं। बफर क्षेत्र में भेडिय़ा बड़ी संख्या में मौजूद हैं। यदि काला भेडिय़ा देखा गया है, तो यह अच्छी खबर है।
एचएच भार्गव, रैंजर
Updated on:
23 Sept 2022 06:18 pm
Published on:
23 Sept 2022 06:16 pm
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