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25 करोड़ की लागत से दमोह रेलवे स्टेशन का होगा पुर्नविकास

दमोह रेलवे स्टेशन, दमोह से जाने वाली ट्रेनें, दमोह तक पहुंचने वाली ट्रेनें, 38 करोड़ की लागत से दमोह- पथरिया मार्ग के रेल्वे ओव्हर ब्रिज का किया शिलान्यास

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दमोह

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Samved Jain

Aug 08, 2023

25 करोड़ की लागत से दमोह रेलवे स्टेशन का होगा पुर्नविकास

25 करोड़ की लागत से दमोह रेलवे स्टेशन का होगा पुर्नविकास

दमोह. रविवार को देश भर के 508 स्टेशनों पर वर्चुअल रूप से जुड़कर प्रधानमंत्री ने भूमि पूजन किया। जिसमें दमोह रेलवे स्टेशन का भी भूमिपूजन कार्यक्रम स्थानीय रेलवे स्टेशन परिसर में किया गया। इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल सहित अन्य की मौजूदगी रही। अमृत भारत स्टेशन योजना अंतर्गत दमोह रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के कार्यों व दमोह-पथरिया मार्ग पर बीना-कटनी रेल खंड के समपार क्रमांक 58 पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य का शिलान्यास करते हुए व्यक्त किए।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना अंतर्गत वीडियो कॉन्फ्रेसिंग 508 स्टेशनों के कार्यों का शिलान्यास कर सम्बोधित किया। दमोह रेलवे स्टेशन में बड़ी संख्या में नागरिकों ने देखा व सुना। दमोह रेलवे स्टेशन का पुर्नविकास 25 करोड़ की लागत से किया जाएगा। इसी क्रम में फाटक क्रमांक 58 पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण जिसकी लंबाई 1351 मीटर है, जिसकी प्रशासकीय स्वीकृति 37 करोड 54 लाख 82 हजार की लागत से किया जाएगा। इस मौके पर डीआरएम विवेक सिंह, वेयर हाउसिंग चैयरमेन राहुल सिंह, विधायक धर्मेंद्र सिंह, विधायक पीएल तंतुवाय, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटैल, कलेक्टर मयंक अग्रवाल, एसपी सुनील तिवारी मंचासीन थे। केन्द्रीय राज्यमंत्री ने कहा हर व्यक्ति अपने सांस्कृतिक विरासत की पहचान भी देखे। आज का दिन हमारे दमोह के लिए भी महत्वपूर्ण है, तीन गुल्ली से लेकर पथरिया को जोडऩे वाला ओवर ब्रिज का भी शिलान्यास हुआ है और जागेश्वरनाथ और कुंडलपुर को जोडऩे वाला ओवरब्रिज का भूमि पूजन हो रहा है। केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कोशिश करें कि जो फास्ट ट्रेनें हैं या मालगाड़ी इनको न रोका जाए। यदि कार्यशैली बदली तो हमारी सोच हमारे कार्य करने का तरीका भी बदलना चाहिए।

ओवर ब्रिज बनने के बाद पथरिया के लोगों को ज्यादा सुविधा होगी, इसलिए मुझे लगता है कि मेरे निर्णय लेने के पीछे अगर कोई मंशा है तो वह है दमोह को बेहतर से बेहतर कर सकें। उन्होंने कहा तीसरी लाइन बने बगैर आप किसी गाड़ी का नया ठहराव नहीं कर सकते हैं। दुनिया में जितने भी पैमाने है रेल सुरक्षा के उसमें 24 घंटे में 7 घंटे डायरेक्ट मेंटेनेंस के लिए आरक्षित है। कार्यक्रम में केन्द्रीय राज्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को पुरूस्कार वितरित किए। इस दौरान स्कूली छात्राओं द्वारा मनमोहक व आर्कषक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

डीआरएम बोले: दमोह-नागपुर के लिए फिर से प्रस्ताव बनाकर रेल मंत्रालय भेजेंगे -रेलवे संघर्ष समिति ने दमोह-नागपुर नियमित ट्रेन सहित अन्य मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

दमोह. रेलवे स्टेशन पर रेलवे के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान रेलवे संघर्ष समिति द्वारा डीआरएम को दमोह-नागपुर ट्रेन सहित विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान डीआरएम ने समिति के सदस्यों को आश्वस्त किया कि साप्ताहिक दमोह-नागपुर ट्रेन के प्रस्ताव को फिर से तैयार किया जाएगा और उनके द्वारा दिए गए सुझाव के अनुसार भी प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रांजल चौहान, लखन राय, सुरेंद्र छोटू दवे, संतोष रैकवार, बृजेश पंडा सहित अनेक लोगों की उपस्थिति रही। ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई कि के प्रस्ताव दमोह से नागपुर साप्ताहिक ट्रेन के प्रस्ताव पत्र में परिवर्तन किया जाए।

संघर्ष समिति द्वारा रेलवे को सुझाव दिया गया कि पिछले 3 साल से बंद चल रही 9 यात्री ट्रेनों में से 2 यात्री ट्रेनों को जोकि जबलपुर तक जाती है, उन्हें जबलपुर से आगे नैनपुर, छिंदवाड़ा होते हुए नागपुर तक बढ़ाकर पुन: फिर से नए समय के अनुसार चलाया जाए। जोकि दमोह से रात्रि में चलकर सुबह 5 बजे पहुंचे। सुझाव पत्र में कहा गया है कि कोटा-जबलपुर एक्सप्रेस नियमित को और खजुराहो -जबलपुर एक्सप्रेस त्रिदिवसीय पद दोनों ट्रेनों को जबलपुर से आगे नागपुर तक कम दूरी वाले रेल रूट से आसानी से चलाया जा सकता है। इन दोनों ट्रेनों को नागपुर तक बढ़ाने कठिनाई इसीलिए नहीं होगी, क्योंकि ये दोनों यात्री ट्रेनें पहले से ही स्वीकृत है। इसके साथ संघर्ष समिति द्वारा अमृत भारत स्टेशन योजना में बांदकपुर और पथरिया रेलवे स्टेशन को जोड़कर इन दोनों रेलवे स्टेशनों का सुव्यवस्थित तरीके से विकास व विस्तार करने की मांग की गई। साथ ही दमोह रेलवे स्टेशन पर जीआरपी थाना पूर्ण स्टाफ के साथ स्वीकृत करने की मांग की गई। साथ ही दमोह रेलवे स्टेशन पर 4 नंबर नया प्लेटफार्म बनाने, रेलवे की लोको की जमीन पर कोच मेंटेनेस यार्ड व वाशिंग एप्रान बनाने, साथ ही स्टेशन की माल गोदाम को दमोह से आगे करैया रेलवे स्टेशन पर शिफ्ट करने, बड़ीदेवी रेलवे फाटक 60 नंबर पर शीघ्र अंडर ब्रिज बनाने, राज्यरानी एक्सप्रेस को भोपाल से आगे रानी कमलापति स्टेशन तक बढ़ाने, इंदौर-हावड़ा क्षिप्रा सुपरफास्ट एक्सप्रेस को नियमित चलाने के साथ बीना-कटनी रेल खंड की 9 ट्रेनों को पुन: चलाने के लिए निवेदन किया गया। साथ ही अन्य मांगे भी रखी गई। समिति के मांग पत्र पर डीआरएम ने कहा कि आपकी मांगों में जो हमारे नियंत्र में उन पर हम विचार करेंगे और जो हमारे नियंत्रण में नहीं उन्हें केंद्रीय रेल मंत्रालय के पास भेजा जाएगा।