
Dried drops of dry crops to life
दमोह/मडिय़ादो. इस वर्ष मावठे की बारिश नहीं होने के कारण अंसिचित फसलों को नुकसान हो रहा था, किसान फसलों को देखकर चिंतित दिख रहे है, लेकिन इस सप्ताह ठंड बढऩे के बाद किसानों को कुछ राहत दिख रही है। साथ ही रात में ओस गिरने लगी। जिस कारण सिंचित तथा असिंचित फसलों को फायदा हो रहा है। किसानों का कहना है कि अगर ओस लगातार गिरती रहीं तो चना, सरसों व गेहूं की फसल को लाभ मिलेगा। वनांचल क्षेत्र के किसान धरम आदिवासी, बारेलाल आहिरवार का कहना है, इस बार कम बारिश के कारण रबी की फसलें अधिक सिंचाई चाह रही है। ठंड पर्याप्त नहीं होने से फसल की ग्रोथ रूकी थीं, लेकिन इस सप्ताह ठंड ने असर दिखाया है।
ठंड से होगा फायदा
किसानों की माने तो मौसम में आए बदलाव के बाद अब ठंड बढऩे के साथ रात में ओस गिरने लगी है। ओस जम कर गिर रही है। जिसका असर फसलों को मिल रहा है। किसानों की मानें तो ओस सीधे पौधों पर गिरती है और तना से खिसक कर पौधों की जड़ों तक चली जाती है। ओस की नमी से फसल का रंग रूप बदल रहा है, अगर लगातार ओस का सहारा फसलों को मिला तो निश्चित ग्रोथ बढ़ेगी उत्पादन भी ठीक होगा। इधर कम पानी की स्थिति के कारण भी कई जगह फसल को पानी की आवश्यकता है। यदि इसी तरह ओंस की बूंदी गिरती रहे तो किसानों को फायदा होने की उम्मीद है। किसानों के अनुसार गेहूं के लिए मावठी बारिश की अति आवश्कता है।
ग्रामीण सहायक कृषि विस्तार अधिकारी एसएल गुप्ता का कहना है कि तापमान में आई गिरावट से फसलों की रुकी ग्रोथ बढ़ेगी। वह किसान भाई जिनके द्वारा 20 से 25 दिन पहले गेहंू की बोवनी कर चुके हैं। वह सिंचित फसल पर यूरिया डाले असिंचित फसल पर यूरिया का घोल बना कर छिड़काव कर सकते हैं। इसी तरह चना की फसल बोवनी के 25 दिन बाद डीएपी का उपयोग करें फसलों को फायदा होगा।
Published on:
23 Dec 2017 12:14 pm
बड़ी खबरें
View Allदमोह
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
