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दमोह. नए सत्र में विभागीय तैयारी को देखकर शिक्षा का स्तर इस बार सुधरने की उम्मीद थी, लेकिन आधा सत्र बीतने को है, तिमाही परीक्षा को चंद दिन शेष बचे है और स्कूलों में अब भी शिक्षक नहीं पहुंचे हैं। कुछ जगहों पर प्रमोशन की वजह से शिक्षक दूसरे स्कूलों में चले गए हैं, तो कुछ जगह प्रमोशन के बाद अभी तक शिक्षकों ने ज्वाइनिंग नहीं ली है। इतना ही नहीं ६० प्रतिशत से अधिक अतिथि शिक्षकों की भी ज्वाइनिंग प्रक्रिया फिलहाल अटकी हैं। ऐसे में सुधरने की बजाय शिक्षा की स्थिति और बदहाल होती जा रही है। शिक्षकों के नहीं होने के कारण अभी तक अनेक स्कूलों में कुछ विषयों की पुस्तक भी बच्चों की नहीं खुली हैं। ऐसे में २५ हजार से अधिक बच्चों का भविष्य अधर में समझ आता हैं।
दरअसल, प्राइमरी, मिडिल, हाइस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम में दमोह प्रदेश में फिसड्डी रहा था। ऐसे में २०२४-२५ शैक्षणिक सत्र को सफल बनाने कलेक्टर और शिक्षा विभाग ने कमर कस ली थी। इसके बाद बकायदा दिन, सप्ताह, महीना वार टाइम टेबल भी बनाया गया था, लेकिन आधा सत्र बीतने के बाद भी यह कहां लागू हो रहा है, समझ नहीं आता है। कलेक्टर से लेकर डीइओ और डीपीसी भी इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
५ माह से शिक्षकों की कमी का कर रहे सामना
अप्रेल से ही शिक्षकों की कमी का सामना कर रहे बच्चे
जिले में शिक्षा सत्र अप्रेल माह में ही शुरू हो गया था। तभी से जिले भर के स्कूलों में शिक्षकों की कमी गहराई हुई है। बच्चों के कठिन बिंदुओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। वह पिछले 5 माह से शिक्षकों की कमी का सामना कर रहे थे। सरकारी स्कूलों में दसवीं और बारहवीं के करीब 25 हजार छात्र-छात्रा अध्ययन रत है। इन्हीं बच्चों के भविष्य को लेकर शिक्षा विभाग चिंतित है। फरवरी में परीक्षाएं होंगी, इसे देखते हुए कोर्स पूरा करना है। इस साल पांचवीं, आठवीं, दसवीं और बारहवीं के परीक्षा परिणाम में दमोह जिले की सबसे बुरी स्थिति थी। प्रदेश में सबसे खराब रिजल्ट दमोह का ही सभी कक्षाओं में रहा था।
-कैलेंडर के हिसाब से नहीं हो रही पढ़ाई
जिले में शैक्षणिक कैलेंडर के हिसाब से माहवार और इकाईवार पढ़ाई पूरी नहीं हुई है। अप्रेल, मई, जून और जुलाई माह में 10वीं और 12वीं कक्षा के सभी विषयों का 30 से 40 फीसदी पाठ्यक्रम पूर्ण हो जाना चाहिए था। लेकिन कठिन विषय जैसे अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, भौतिक और रसायन शास्त्र पढ़ाने के लिए शिक्षकों की कमी के कारण छात्र-छात्राओं के कई बिंदुओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। अब अतिथि भर्ती होने के बाद उम्मीद है कि कुछ सुधार होगा।
दमोह में खाली पदों पर अतिथियों की भर्ती जारी
अतिथि शिक्षक पोर्टल के अनुसार जिले में २७सौ से अधिक पोस्ट अतिथि शिक्षकों की दिख रही हैं, जबकि इसके विपरीत अभी तक करीब १३०० शिक्षकों की ज्वाइनिंग होना दर्शाया जा रहा है। इस तरह आंकड़ों को देखें तो ६० प्रतिशत अतिथियों की ज्वाइनिंग अभी तक नहीं हो सकी है। कुछ आवेदनों को निरस्त भी कर दिया गया है।
आंकड़ों में समझे अतिथियों की ज्वाइनिंग स्थिति
कुल २७१४ १२९८
वर्शन
बोर्ड परीक्षा परिणाम ठीक नहीं आया था। इसलिए हम अभी से पूरा ध्यान बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों पर दे रहे हैं। अतिथि शिक्षकों ने स्कूलों में पदभार संभाल लिया है और उनसे कहा है कि वह विषयवार पाठ्यक्रम को गंभीरता से लेकर पढ़ाएं। अगर फिर भी कोई समस्या आती है तो ब्लॉक स्तर पर बने दल को जानकारी दे सकते हैं। ताकि पढ़ाई को और बेहतर करने की कोशिश हो सकती है।
एसके नेमा, डीईओ
Published on:
23 Aug 2024 08:17 pm
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