
थाना हटा
दमोह. हटा में कर्जदारों से परेशान एक नाबालिग बालक ने अपने अपहरण की रचकर परिजनों से पैसा लेने की कोशिश की, लेकिन जब वह सफल नहीं हो सका तो स्वयं पुलिस थाने पहुंच गया। पुलिस की पूछताछ में उसने सारा किस्सा बयां कर दिया।
पिछले सप्ताह सोमवार को एक पीडि़त पिता ने थाना हटा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि मेरा नाबालिग बेटा गुम हो गया है। रिपोर्टकर्ता ने बताया कि वह रविवार को गांव के लड़के के साथ हटा सामान खरीदने की कहकर आया था, जो खचना तिराहा पर रुक गया और उस लड़के को गांव भेज दिया। जब वह घर नहीं आया, तो उसकी तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चला, मोबाइल भी बंद आ रहा है। इधर बालक के गुम होने के एक दो दिन बाद मामला अपहरण का होना सामने आने लगा था, लेकिन जब पुलिस ने बालक को तलाश किया और पूछताछ की।
वहीं, बालक के गुम होने के अगले दिन दोस्त के व्हाटसएप से नाबालिग के मामा के मोबाइल पर मैसेज आना शुरू हुए जिसमें लापता का छतरपुर में होना बताया। जब परिजन छतरपुर पहुंचे, तो वहां कोई नहीं मिला। इसके बाद नाबालिग के मोबाइल से परिजनों को किसी अज्ञात के द्वारा फोन किया गया और यह कहा गया कि लापता बालक इंदौर में है और चोटिल है साथ ही फोन करने वाले ने पैसा भेजने की बात कही। परिजनों द्वारा यह जानकारी पुलिस को दी गई। बाद में जब पुलिस इंदौर पहुंची, तब तक बालक का मोबाइल बंद हो गया। इसके बाद कहानी ने नया मोड़ लिया और बालक स्वयं बाणगंगा पुलिस थाने पहुंच गया। इसके बाद बाणगंगा थाना पुलिस ने हटा थाना पुलिस से संपर्क किया और थाना पुलिस नाबालिग को वापस हटा लाई।
इधर जब नाबालिग बालक से पूछताछ हुई, तो उसके अपहरण की कहानी झूठी निकली। बाद में सामने आया कि नाबालिग ने स्वयं के अपहरण की कहानी अपने परिजनों से पैसा ऐठने के लिए रची थी, क्योंकि वह कुछ लोगों से कर्ज लिए हुए है।
Published on:
20 May 2023 07:50 pm
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