
नक्सली हमले में शहीद जवान का परिवार
Dantewada Naxal Attack: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर में बुधवार को हुए आईईडी ब्लास्ट में डीआरजी के 10 जवान शहीद हो गए। श्रद्धांजलि सभा हुई। फिर उनकी पार्थिव देह गृहग्राम रवाना की गई। जो जवान पूरे उत्साह से मोर्चे पर गया था वह तिरंगे में लिपटा हुआ आया। परिवार वाले आखिरी बार अपने होनहार, जाबाज की सूरत भी नहीं देख पाए। यूं तो दुख बांटने के लिए पूरा गांव उमड़ा था। लेकिन इस दुख को बांट पाना मुश्किल है। किसी के घर में छोटे बच्चे हैं तो किसी के माता-पिता बूढ़े हैं। कोई घर का इकलौता कमाउ सपूत है। ऐसी ही कहानियां हैं, अबुझमाड़ के जंगलों में छोटे-छोटे गांवों की। इन कहानियों में दर्द है, वेदना है, सिसकियां हैं। ये बस्तर है, यहां जंगलों से ज्यादा घने सवालों के जंगल हैं।
शहीद दुलगो राम की मां काड़े गोंडी में बार-बार यही कह रही थी मेरा बेटा आखिरी बार उस गांव में भी नहीं जा पाया जहां वह बड़ा हुआ, खेला-कूदा। काड़े का कहना था कि मेरे बेटे के सरेंडर कर डीआरजी जवान बन जाने से नक्सली बहुत नाराज थे और उन्होंने मेरे पति और दुलगो के पिता की हत्या भी कर दी थी। ऐसे हालात में अगर हम उसके शव को गांव ले जाते तो हमारे साथ कुछ भी हो सकता था। बता दें कि दुलगो राम पहले नक्सली संगठन में था और सरेंडर का मुख्यधारा में लौट गोपनीय सैनिक बना था। इसके बाद ही वह डीआरजी का हिस्सा बना था। उसका गृहग्राम कटेकल्याण के मारजूम में है जो धुर नक्सल प्रभावित इलाका है। शहीद जवान दुलगो का अंतिम संस्कार कारली के समीप नदी किनारे किया गया।
पत्रिका की टीम जब गांव पहुंची तो माहौल बहुत गमगीन था। शहीद लखमू मड़काम के घर भीड़ जमा थी। कुछ देर पहले ही लखमू का अंतिम संस्कार कर सभी वापस लौटे थे। महिलाएं दोना बना रहा थीं ताकि क्रिया कर्म का कार्य पूरा किया जा सके। पूरा ग्राम नम आंखों के साथ परिवार के साथ खड़ा हुआ था। हमारी मुलाकात सबसे पहले शहीद लखमू के बड़ेे बेटे बामन से हुई जो 21 वर्ष का है। उसने बताया कि पिताजी सलवा जुडूम के वक्त व्यवस्थापन के कारण 2005 में बीजापुर जिले के औरसा गांव से यहां आए थे। कुछ समय मजदूरी करने के बाद एसपीओ में भर्ती हुए फिर प्रमोशन लेकर आरक्षक बने।
शहीद लखमू की बेटी कुंती ने बताया कि कल दोपहर पुलिस जवानों ने फोन कर बताया की पिताजी बम विस्फोट में शहीद हो गए। उसके बाद हम सभी दंतेवाड़ा जिला अस्पताल के लिए रवाना हुए। कुंती ने कहा कि पापा मेरी छोटी बहन वेदना से सबसे ज्यादा प्यार करते थे। प्रत्येक दिन वेदना से फोन पर बात किया करते थे। कुंती ने बताया कि वह अभी 10वीं की परीक्षा दी है। वह फोर्स में जाना चाहती है। उसने कहा कि अगर मौका मिला तो पापा के हत्या का बदला लेने से भी पीछे नहीं हटेगी। इन सब दुखों से अनजान लखमू मड़काम की सबसे छोटी बेटी वेदना भी आज चुप थी। शायद उसे पता चल गया कि उसके पिता अब कभी नहीं लौटेंगे।
जवानों के साथ गीदम के वार्ड क्रमांक 14 कड़ती पारा में रहने वाले निजी वाहन चालक धनीराम यादव की भी मौत हो गई। धनीराम विगत 5 वर्ष से भी अधिक समय से राजू गुप्ता के यहां गाड़ी चलाने का काम कर रहे थे। धनीराम के परिवार में उनकी पत्नी मंगलदाई यादव के अलावा एक बेटा बस्ती यादव और एक बेटी शिवम यादव है। पूरे परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।
गुरुवार को दंतेवाड़ा के कारली में अपने बेटे के शव के सामने बिलखती मारजूम के शहीद जवान जोगा की मां देवे कवासी यही कहती रही कि आखिर यह दुख और दहशत कब कम होगी। देवे ने बताया कि जब जोगा गोपनीय सैनिक बना तो नक्सली बौखला गए और जोगा के पिता को मार डाला। इसके बाद से जोगा गांव नहीं आया।
अरनपुर-समेली के बीच पेड़का चौक के नजदीक डीआरजी जवानों की वाहन को ब्लास्ट से उड़ाने के मामले में पुलिस ने अरनपुर थाना में नक्सलियों के दरभा डिविजनल कमेटी के सचिव देवा, प्रभारी चैतू समेत 9 नक्सली लीडरों व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। थाना अरनपुर से 02 किमी, पूर्व पेड़का चौक पर 26 अप्रैल को आईईडी ब्लास्ट व फायरिंग में 1 ड्राइवर व 10 जवान शहीद हो गए थे। जिस पर अपराध क्रमांक 05/2023 धारा 147,148,149,307,302 भादवि. 4,5 वि.प.अधि.नियम 25,27 आर्म्स एक्ट 13(1), 38(2), 39(2) यूएपीए एक्ट के तहत् दर्ज किया है।
चैतू, देवा, मंगतू, रनसाय, जयलाल, बामन, सोमे, राकेश, भीमा एवं अन्य के विरूद्व अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
Published on:
29 Apr 2023 12:22 pm
बड़ी खबरें
View Allदंतेवाड़ा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
Naxal News: नक्सलियों के खुफिया जगह पर पहुंचे सुरक्षाबल, भारी मात्रा में विस्फोटक, राशन और IED बरामद

