
CG News: सुकमा जिले के कोंटा ब्लॉक में सिस्टम की लापरवाही का खामियाजा एक आदिवासी परिवार को उठाना पड़ा है। जल जीवन मिशन अंतर्गत पानी टंकी निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरने से 3 साल के मासूम की मौत हो गई है। घटना कोंटा ब्लॉक के बालेंगतोंग गांव की है। घटना के बाद से परिवार में शोक की लहर हैं।
मिली जानकारी के अनुसार मेहता पंचायत के बालेंगतोंग गांव के रहने वाले दंपति मुचाकी बंडी और मुचाकी सिंगे रोज की तरह खेत में काम कर रहे थे। (CG News) इस दौरान उनका 3 साल का बच्चा मुचाकी हूंगा घर के करीब स्थित बोरिंग में नाहने के लिए गया, इस दौरान वह हैंडपंप के पास खोदे गए गड्ढे में गिर गया।
जैसे ही माता-पिता को बच्चे की दुर्घटना की सूचना मिली, उन्होंने बच्चे को गड्ढे से बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, लेकिन वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।(CG News) घटना के बाद से ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। साथ ही ग्रामीणों ने ठेकेदार और पीएचई विभाग पर गैर इरादतन हत्या के लिए एफआईआर दर्ज करने की मांगकी है।
CG News: विभाग की उदासीनता व ठेकेदार की लापरवाही से कारण जल जीवन मिशन का काम धीमी गति से चल रहा है। बालेंगतोंग में 4 माह पहले पानी टंकी के लिए गड्ढा खोदा गया था, लेकिन काम किए बगैर ही उसे लापरवाही पूर्वक खोद कर छोड़ दिया गया। खोदे गड्ढे को पाटने के लिए कई बार ग्रामीणों ने पंचायत के जिमेदार प्रतिनिधि व पीएचई विभाग के अफसरों को बताए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आज सिस्टम की लापरवाही का खामियाजा मासूम बच्चे की जान देकर चुकानी पड़ी है।
ग्रामीण मुचाकी मुकेश ने बताया कि गड्ढा खोदने के बाद ठेकेदार शेख निजामुद्दीन ने काम नहीं किया। बारिश के दौरान गड्ढे में 10 फीट पानी जमा हो गया है। (CG News) इसमें गांव के कई मवेशी भी डूबकर मर चुके हैं। पानी भरे गड्ढे में मच्छर भी पनप रहे हैं। जिसके चलते इलाके में डेंगू व मलेरिया का खतरा बढ़ गया है।
Updated on:
07 Sept 2024 03:12 pm
Published on:
07 Sept 2024 03:12 pm
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