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दंतेवाड़ा नक्सल मुक्त घोषित, अंतिम दिन 51 नक्सलियों का सरेंडर, 14 करोड़ का सोना-कैश बरामद

Chhattsigarh Naxal Surrender: डेडलाइन का 'महा-धमाका हुआ है। बीजापुर में सोने का जखीरा और नारायणपुर में हथियारों की सबसे बड़ी रिकवरी हुई। वहीं 42 नक्सलियों ने सरेंडर किया है…

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अंतिम दिन 42 नक्सलियों का सरेंडर, 14 करोड़ का सोना-कैश बरामद ( Photo - Patrika )

Chhattsigarh Naxal Surrender: बस्तर के इतिहास में 31 मार्च 2026 की तारीख स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई है। करीब पांच दशकों से हिंसा और रक्तपात का गवाह रहे दंडकारण्य में नक्सलवाद के खात्मे की 'डेडलाइन' के अंतिम दिन सुरक्षाबलों को अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी मिली है। बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और कांकेर जिलों में कुल 42 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। इस दौरान नक्सलियों के आर्थिक साम्राज्य और सैन्य शक्ति की कमर तोड़ते हुए 14.06 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड बरामदगी की गई है।

Chhattsigarh Naxal Surrender: करोड़ों के कैश और सोना बरामद

नक्सल मुक्ति अभियान के अंतिम दिन बीजापुर में 25 हार्डकोर नक्सलियों (12 महिलाओं सहित) ने हथियार डाले। इन पर कुल 1.47 करोड़ रुपए का इनाम था। सबसे चौंकाने वाली सफलता आर्थिक मोर्चे पर मिली है। सुरक्षाबलों ने 2.90 करोड़ नगद और 11.16 करोड़ मूल्य का 7.20 किलोग्राम सोना जब्त किया है। यह बस्तर के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी है। जब्त हथियारों में 93 अत्याधुनिक हथियार (एके-47, एलएमजी, एसएलआर) शामिल हैं। सरेंडर करने वालों में मंगल कोरसा उर्फ मोटू (कमांडर) और शंकर मुचाकी (डीवीसीएम) जैसे बड़े नाम शामिल हैं। नारायणपुर में 1 लाख के इनामी नक्सली बिजलू मण्डावी पिता बोगा राम मण्डावी उम्र 26 निवासी तुषवाल ने आत्मसमर्पण किया।

दंतेवाड़ा: 'नक्सल मुक्त' होने का ऐतिहासिक गौरव

दंतेवाड़ा जिला अब आधिकारिक तौर पर नक्सलवाद के दंश से मुक्त हो गया है। पूना मारगेम अभियान के तहत अंतिम 5 सक्रिय नक्सलियों (4 महिलाओं सहित) ने आत्मसमर्पण किया। इन पर 9 लाख का इनाम था। इनके पास से 40 घातक हथियार बरामद हुए हैं। एसपी गौरव राय ने घोषणा की कि अब जिले की हवाओं में हिंसा नहीं, बल्कि शांति और विकास की महक होगी।

सुकमा: 16 लाख की इनामी महिला नक्सलियों का सरेंडर

सुकमा में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के गुप्त डंप से 10 लाख नगद और ऑटोमैटिक हथियारों का जखीरा बरामद किया। यहां 8-8 लाख की इनामी दो महिला कमांडरों जनिला उर्फ मड़कम हिंडमे और सोनी उर्फ माड़वी कोसी ने सरेंडर किया। ये दोनों केकेबीएन डिवीजन की सक्रिय सदस्य थीं। एसपी किरण चव्हाण के अनुसार, पुनर्वास नीति के प्रति बढ़ते विश्वास ने नक्सलियों को जंगल छोड़ने पर मजबूर कर दिया है।

कांकेर: मुख्यधारा की ओर बढ़ते कदम

कांकेर में भी मंगलवार को 2 और नक्सलियों, पीपीसीएम शंकर और हिडमा डोडी ने एके-47 के साथ समर्पण किया। पिछले पांच दिनों में यहां कुल 11 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। आईजी बस्तर रेंज सुंदरराज पी. ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए शेष बचे नक्सलियों से भी अपील की है कि वे समय रहते हथियार डालकर नई जिंदगी की शुरुआत करें।

आंकड़ों में तबाही से तसल्ली तक का सफर

01 जनवरी 2024 से 31 मार्च 2026 तक के आंकड़े
कुल आत्मसमर्पण: 1003 नक्सली
कुल नगद बरामदगी: 6.63 करोड़ रुपए
कुल सोना बरामदगी: 12.80 करोड़ रुपए