
नक्सल प्रभावित कुंदेड़ 20 साल बाद बिजली की रोशनी
सुकमा। Chhattisgarh News: सुकमा जिले के जगरगुंडा इलाके का नक्सल प्रभावित कुंदेड़ 20 साल बाद बिजली की दूधिया रोशनी जगमगाने लगा है। इस इलाके में सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित होने के साथ ही बिजली, सड़क, पानी, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं गांव तक पहुंचने लगी हैं। ग्रामीण अब प्रशासन की कार्य शैली से प्रभावित होकर प्रशासन व सुरक्षा बल के प्रति विश्वास बढ़ा रहे हैं। जिसकी वजह से अब गांव की तस्वीर बदलने लगी है, एवं ग्रामीण भी खुलकर आगे आ रहे हैं । वे अपनी जरूरत के चीजों की मांग कर रहे हैँ। ग्रामीण की उम्मीद को जिला प्रशासन उनकी जरुरतों को पूरा करेगा।
आज के आधुनिक दौर में कोई भी व्यक्ति बिजली के बगैर ङ्क्षजदगी की कल्पना भी नही कर सकता है, लेकिन छत्तीसगढ़ में एक गॉव कुंदेड़ ऐसा भी था जो पिछले 20 सालो से नक्सलियों के कारण बिजली जैसे मूलभूत सुविधा से वंचित कर रखा था। जिला प्रशासन के अथक प्रयास से बर्षो के इंतजार के बाद सुकमा जिले के जगरगुंडा तहसील के कुंदेड़ गांव एवं सीआरपीएफ कैम्प में बिजली पहुंचने से उम्मीद की नई किरण जग गई है। ग्राम कुंदेड़ में 18 दिसंबर 2022 को सुरक्षा कैम्प स्थापित किया गया था। कैम्प लगने के पश्चात कुंदेड़ के विकासात्मक कार्यों में तेजी आई है। सीआरपीएफ बटालियन और जिला पुलिस ग्रामीणों को नक्सलवाद से दूर रहने की सीख देते हैं।
विकासात्मक कार्य तेजी से किया जा रहा
जिले के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र ग्राम कुंदेड़ में कई वर्षो बाद बिजली पहुंचने से ग्रामीणों में फैली खुशी की लहर है, 20 वर्ष पहले नक्सलियों द्वारा ग्राम कुंदेड़ के बिजली लाईन को नष्ट किया गया था, जिससे कुंदेड़ में सुरक्षा कैम्प खुलने से बिजली पुन: संचालित किया गया है। लगातार अंदरूनी इलाकों में के कैम्प स्थापित करने के साथ-साथ विकासात्मक कार्यों को भी तेजी से किया जा रहा है । - किरण चव्हाण, एसपी
Published on:
18 Oct 2023 01:51 pm
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