दंतेवाड़ा

shravan mahotsav 2023: 19 वर्ष बाद 59 दिनों का सावन मास, होगा दुर्लभ संयोग, जानें 8 सोमवार का महत्व

Dantewada News: इस बार सावन मास की शुरूआत 04 जुलाई से होने जा रही है। श्रावण मास 04 जुलाई से लेकर 31 अगस्त तक रहेगा यानि की सावन का महिना इस बार एक माह का नहीं बल्कि पूरे 59 दिनों का रहेगा।

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19 वर्ष बाद 59 दिनों का श्रावण मास, 8 सोमवार का दुर्लभ संयोग

Sawan Somwar 2023: दंतेवाड़ा। इस बार सावन मास की शुरूआत 04 जुलाई से होने जा रही है। श्रावण मास 04 जुलाई से लेकर 31 अगस्त तक रहेगा यानि की सावन का महिना इस बार एक माह का नहीं बल्कि पूरे 59 दिनों का रहेगा। जिसमें कुल 8 सोमवार पड़ेंगे। यह दुर्लभ संयोग करीब 19 वर्षों बाद बना है। करीब दो माह का श्रावण मास के पडऩे से भक्तों में अपार उत्साह है।

हर साल की तरह इस वर्ष बड़ी संख्या में कांवडिये कांवड़ यात्रा पर निकलेंगे जिसकी तैयारी भी अभी से शुरू हो गई है। हिंदु धर्म में सावन मास का बहुत बड़ा महत्व है ऐसा माना जाता है कि सावन मास भगवान भोलेनाथ को सबसे प्रिय है। यह महिना शिव को समर्पित होता है। श्रावण मास में पडऩे वाले प्रत्येक सोमवार शिवभक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। इसमें तीन गुण रत, रज एवं तम होता है और प्राचीन मतानुसार पार्वती माता के शरीर से बेलपत्र की उत्पत्ति मानी जाती है इसलिए भगवान शिव की अर्चना में इसका विशेष महत्व होता है।

सावन मास में पड़ने वाले 8 सोमवार

- पहला सोमवार 10 जुलाई
- दूसरा सोमवार 17 जुलाई
- तीसरा सोमवार 24 जुलाई
- चौथा सोमवार 31 जुलाई
- पांचवां सोमवार 07 अगस्त
- छठवां सोमवार 14 अगस्त
- सातवां सोमवार 21 अगस्त
- आठवां सोमवार 28 अगस्त

शिव पुराण के अनुसार सावन मास में मनोकामना पूरी होती है

आचार्य भगवानदास द्विवेदी ने बताया कि शिव पुराण के मुताबिक शंकर भगवान सावन मास में शिव की भक्ति करने वाले भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। वैसे तो हर वर्ष भक्तों को सावन मास के आने का इंतजार बेसब्री से रहता है भक्त पहले एक माह तक सावन में शिवजी की भक्ति करते थे लेकिन इस वर्ष एक माह नहीं बल्कि पूरे 59 दिनों तक भोलेनाथ की पूजा का सुअवसर भक्तों को प्राप्त होगा।जिसमें 08 सोमवार भी पड़ेंगे। यह संयोग करीब 19 वर्षों बाद बना है।

हर तीसरे साल एक दिन जुड़ता है

आचार्य द्विवेदी जी ने बताया वैदिक पंचांग के गणना अनुसार और चंद्रमास के आधार पर एक चंद्रमास में 354 दिन और मास में 365 दिन होते हैं। दोनों में 11 दिनों का अंतर हो जाता है। हर तीसरे वर्ष के बाद 33 दिनों का एक अतिरिक्त महीना बनता है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल अधिकमास (मलमास) के समायोजन से सावन दो महिने का पड़ रहा है। यह बड़ा ही दुलर्भ संयोग है । निश्चित तौर पर इस बार शिव भक्ति के लिए लंबा समय भक्तों को मिलेगा। शिव की भक्ति करने पर भोलेनाथ भक्तों का कल्याण करेंगे और प्रसन्न होकर अवश्य ही वे भक्तों को मनोवांछित फल भी प्रदान करेंगे।

Published on:
29 Jun 2023 07:25 pm
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