
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की घोषणा के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है, वहीं प्रशासन और निगरानी एजेंसियां भी चुनावी माहौल में सख्त होने लगी हैं। इसी कड़ी में बुधवार को स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने दरभंगा, भागलपुर और पटना में एक बड़े छापामारी अभियान को अंजाम दिया। इस कार्रवाई का केंद्र बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रणव कुमार रहे।
प्रणव कुमार वर्तमान में दरभंगा में कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात हैं और साथ ही भागलपुर व मुजफ्फरपुर जिलों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। एसवीयू ने उनकी आवासीय और कार्यालय परिसरों में छापेमारी कर नकदी, संपत्ति संबंधित दस्तावेज, बैंक पासबुक और डिजिटल उपकरण जब्त किए। विशेष रूप से हाउसिंग कॉलोनी स्थित PWD बिल्डिंग पर कार्रवाई सुबह 8 बजे से शुरू हुई जो अभी जारी है।
एसवीयू के अधिकारियों का कहना है कि प्रणव कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उनके पास लगभग ₹1.59 करोड़ की संपत्ति है, जो उनके ज्ञात वैध स्रोतों से कहीं अधिक है। एजेंसी का आरोप है कि इस संपत्ति को उन्होंने अवैध कमाई, अनुचित लाभ और अपने पद के दुरुपयोग से अर्जित किया है।
एसवीयू की इस कार्रवाई से बिजली विभाग और संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने बताया कि टीम ने पहले से योजना बनाकर अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी, ताकि कोई दस्तावेज नष्ट न हो सके और सभी सबूत सुरक्षित किए जा सकें। इसके अलावा दो अन्य कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
निगरानी विभाग पटना के विशेष न्यायाधीश के आदेश पर जारी तलाशी वारंट के तहत एसवीयू की कई टीमें एक साथ दरभंगा, भागलपुर और पटना में छापेमारी कर रही हैं। एजेंसी ने छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेजों, संपत्ति के कागजात, बैंक लेन-देन की जानकारी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि संपत्ति किन माध्यमों से अर्जित की गई और इसमें किन अन्य लोगों की भूमिका रही।
बिहार में विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद आचार संहिता लागू होने के कारण प्रशासन और निगरानी एजेंसियां और भी सतर्क हो गई हैं। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि चुनावी माहौल में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार, धनबल या अनुचित प्रभाव न पड़ें। एसवीयू की यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि किसी भी अधिकारी को भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया तो बख्शा नहीं जाएगा।
Updated on:
08 Oct 2025 12:17 pm
Published on:
08 Oct 2025 12:17 pm
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