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कृषि भूमि से करोड़पति बने आशुतोष तिवारी, जानिए कितने दौलतमंद हैं दतिया के भाजपा प्रत्याशी

Ashutosh Tiwari assets-आपराधिक मामला नहीं, कृषि भूमि सबसे बड़ी संपत्ति, एमए पास, पेशा- कृषि और अतिथि व्याख्याता...।
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दतिया

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Manish Geete

Jul 15, 2026

Ashutosh Tiwari assets

Ashutosh Tiwari assets

atia byelection BJP candidate- दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने नामांकन के साथ चुनाव आयोग में दाखिल शपथ-पत्र में अपनी चल-अचल संपत्ति, देनदारियों और आपराधिक रिकॉर्ड का विवरण सार्वजनिक किया है। उनके पास 1 करोड़ 29 लाख 75 हजार 443 रुपए की संपत्ति है, जबकि उनकी पत्नी कल्पना तिवारी के नाम 1 करोड़ 31 लाख 37 हजार 900 रुपए की संपत्ति दर्ज है। इस तरह दंपती की कुल घोषित संपत्ति करीब 2.61 करोड़ रुपए है। वहीं आश्रित पुत्र सुयश तिवारी के नाम करीब 17.60 लाख रुपए मूल्य की कृषि भूमि और 85 हजार रुपए नकद दर्शाए गए हैं।

शपथ पत्र के मुताबिक आशुतोष तिवारी के एचडीएफसी बैंक में 4.18 लाख रुपए की एफडी, एसबीआई और एचडीएफसी खातों में जमा राशि है। दंपती के पास क्रमश: 1.54 लाख और 42,600 रुपए नकद भी हैं। उनकी सबसे बड़ी संपत्ति दतिया जिले के दभैरा गांव स्थित कृषि भूमि है, जिसकी बाजार कीमत 96 लाख रुपए आंकी गई है। दूसरी ओर, तिवारी परिवार पर कुल 39.69 लाख रुपए की बैंक देनदारी भी है।

इसमें आशुतोष तिवारी का 11.83 लाख रुपए का कार लोन, उनकी पत्नी का 17.95 लाख रुपए का गोल्ड लोन और पुत्र के नाम 9.90 लाख रुपए का बैंक ऋण शामिल है। शपथ पत्र में आशुतोष तिवारी ने स्पष्ट किया है कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है और न ही किसी मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया है। उन्होंने वर्ष 2011 में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी से राजनीति विज्ञान में एमए किया है। शपथ पत्र में उन्होंने अपना व्यवसाय कृषक एवं अतिथि व्याख्याता, जबकि पत्नी का व्यवसाय कृषि एवं गृहकार्य बताया है।

डबल MA हैं आशुतोष तिवारी

दतिया जिले के भांडेर तहसील के पिपरौआकलां के रहने वाले आशुतोष लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) से जुड़े हैं। कॉलेज राजनीति से चर्चित हुए आशुतोष ने डबल एमए किया है। तत्कालीन शिवराज सरकार के समय वे मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष भी थे। वे संभागीय संगठन मंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। 2023 के चुनाव में सेवढ़ा विधानसभा सीट से बीजेपी का टिकट भी मांगा था। लेकिन, उनकी इच्छा पूरी नहीं हो पाई थी। प्रदीप अग्रवाल को टिकट दिया था। इस बार दतिया उपचुनाव में पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है।