
बीजेपी-कांग्रेस। पत्रिका फाइल फोटो
Datia election news- दतिया उपचुनाव का सियासी रण जीतने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। शुक्रवार से राजनीतिक दलों में घमासान और तेज हो जाएगा, क्योंकि बड़े नेताओं की नियुक्तियां कर उन्हें जिम्मेदारी दे दी है। आज से दतिया में डेरा डालेंगे।
रणनीतिक रूप से भी तैयारियां तेज कर दी है। भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा को चुनाव संचालन समिति का प्रमुख बना दिया है। यानी यह चुनाव अब रणनीतिक रूप से भाजपा नरोत्तम के नेतृत्व में लड़ेगी। इसके अलावा समिति में अन्य 32 लोगों को जगह दी गई है। जिसमें पूर्व से लेकर वर्तमान तक के नेताओँ को साधा गया है। वहीं चुनाव अभियान प्रमुख का जिम्मा पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया और सह- प्रमुख प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत को दिया गया है।
इधर भाजपा में जाने की अटकलों के बीच अवधेश नायक ने कहा कि मैंने कार्यकर्ताओं से चर्चा कर ली है। जिसके बाद यह निर्णय लिया है कि मैं भीतरघात वाली भाजपा में नहीं जाने वाला हूं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ कांग्रेस पार्टी के प्रचार में लगूंगा। जीतू पटवारी से मेरी बात हो गई है। उन्होंने 2028 में मुझे टिकट देने का वादा किया है। नायक ने कहा कि भाजपा जबरदस्त आंतरिक भितरघात से जूझ रही है।
पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने गुरुवार दोपहर शहर के होटल रतन रॉयल में समर्थकों की बैठक की। उन्होंने एसपी को चेताते हुए कहा कि वे भूलने वाले प्राणी नहीं हैं और दोस्ती-दुश्मनी दोनों याद रखते हैं। उन्होंने कहा कि निर्दोष कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और प्रकरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। डॉ. मिश्रा ने कहा कि संभव है जनता की नाराजगी उनके विरुद्ध रही हो, पर यह किसी अन्य नेता की जीत नहीं थी। उन्होंने पुलिस को संबोधित करते हुए कहा कि चक्का जाम खुलवाना था, पर कार्यालय पर आंसू गैस के गोले क्यों छोड़े गए? गाडिय़ों की तोडफ़ोड़ के वीडियो उनके पास हैं। उन्होंने समर्थकों से भाजपा और आशुतोष तिवारी के विरुद्ध गुस्सा न निकालने का आग्रह किया।
कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशी घनश्याम सिंह के पक्ष में ताकत झोंक दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी साइक्लोथॉन से निपटकर अब शुक्रवार से दो दिन दतिया में ही रहेंगे। वे वहां चुनाव की कमान संभालेंगे। वे संगठनात्मक बैठकों के साथ कई क्षेत्रों में प्रचार भी करेंगे। पटवारी के साथ अन्य नेता भी दतिया पहुंचेंगे और सभाओं का आयोजन कराएंगे। वे रूठे हुए नेताओं को मनाने का भी काम करेंगे।
Updated on:
17 Jul 2026 09:03 am
Published on:
17 Jul 2026 08:57 am
