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स्मार्ट मीटर बना नई परेशानी, बैलेंस-रीडिंग की उलझन में फंसे सेवड़ा के 4 हजार उपभोक्ता

Smart Meter : रीडिंग, यूनिट खपत की प्रक्रिया समझने में बिजली उपभोक्ताओं को आ रही कठिनाई। मजबूर होकर लोगों को बिजली कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे।
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Smart Meter

Smart Meter (स्मार्ट मीटर बना नई परेशानी Photo Source- Patrika)

Datia News : मध्य प्रदेश के दतिया जिले के सेवढ़ा नगर में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने का अभियान तेज होने के साथ ही उपभोक्ताओं की शिकायतों का ग्राफ भी तेजी से बढ़ने लगा है। करीब 4000 बिजली उपभोक्ताओं वाले सेवढ़ा नगर में स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर लोगों में असमंजस और नाराजगी देखने को मिल रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि, नई प्रणाली की पर्याप्त जानकारी नहीं मिलने से उन्हें रीडिंग, यूनिट खपत की प्रक्रिया समझने में कठिनाई हो रही है। इसके चलते उन्हें बार-बार बिजली कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

पहले उपभोक्ता हर महीने बिजली बिल प्राप्त होने के बाद भुगतान करते थे। लेकिन स्मार्ट मीटर की रीडिंग और कई लोगों की अपनी दैनिक खपत देखने में परेशानी आ रही है। नगर के कई उपभोक्ताओं ने बताया कि स्मार्ट मीटर की डिस्प्ले पर दिखाई देने वाली जानकारी और मोबाइल पर मिलने वाले संदेश उनके लिए सहज नहीं हैं। उन्हें यह समझने में परेशानी हो रही है कि कितनी यूनिट खर्च हुई, यह परेशानी सबसे अधिक बुजुर्गों और तकनीकी जानकारी से दूर रहने वाले उपभोक्ताओं को हो रही है।

स्मार्ट मीटर की रीडिंग नहीं आ रही समझ

उपभोक्ता गोलू पुरी गोस्वामी का कहना है कि, स्मार्ट मीटर लगाए जाने से पहले न तो कोई व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया और न ही उपभोक्ताओं को इसकी कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण दिया गया। ऐसे में छोटी-छोटी तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए भी उन्हें बिजली विभाग के कार्यालय का सहारा लेना पड़ रहा है।

वहीं, जितेंद्र सिंह अहिरवार ने बिजली वितरण कंपनी से मांग की है कि, वार्ड स्तर पर जागरूकता शिविर लगाए जाएं। उपभोक्ता पान सिंह कुशवाहा ने कहा कि, कर्मचारियों के माध्यम से लोगों को स्मार्ट मीटर की रीडिंग देखने और उपभोग की जानकारी समझाई जाए। साथ ही, शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निराकरण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि स्मार्ट मीटर व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए सुविधा का माध्यम बन सके।

'समस्याओं को ठीक कराया जाएगा'

वहीं, इस संबंध में सेवढ़ा सहायक प्रबंधक आलोक सिंह सेन का कहना है कि, नगर में करीब 4000 बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से करीब 1,400 उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। हालांकि, ये प्रीपेड (रिचार्ज वाले) स्मार्ट मीटर नहीं हैं। इन स्मार्ट मीटरों की सबसे बड़ी विशेषता ये है कि, कर्मचारियों को उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर रीडिंग लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती। मीटर की रीडिंग स्वत (ऑटोमेटिक) कार्यालय में प्राप्त हो जाती है। जिन उपभोक्ताओं को रीडिंग संबंधी समस्या आ रही है। उसे ठीक कराया जाएगा।