
Datia Assembly Election Result Live
मध्यप्रदेश सरकार के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भाजपा की इस आंधी में भी फंस गए हैं, अपनी सीट पर वह पीछे चल रहे हैं। सात राउंड की गिनती के बाद भी मंत्री सात हजार से ज्यादा वोटों से पीछे चल रहे हैं। महत्वपूर्ण यह है कि नरोत्तम मिश्रा को मुख्यमंत्री के दावेदारों में गिना जाता रहा है और भाजपा सरकार के भीतर संकटमोचक की भूमिका अदा करते रहे हैं, लेकिन इस बार उनका जीतना मुश्किल होता जा रहा है, जबकि पिछली बार भी वह बड़ी मुश्किल से चुनाव जीते थे।
बता दें कि इस सीट पर 79.26 फीसदी फाइनल वोटिंग हुई थी।। भाजपा ने मौजूदा विधायक और प्रदेश सरकार के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को ही प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने राजेंद्र भारती को मैदान में उतारा था। ये वही राजेंद्र भारती हैं, जो पिछले चुनाव में डा. मिश्रा से महज दो हजार मतों से ही हारे थे। ऐसे में इस बार यहां पर गृहमंत्री को कड़ी टक्कर मिल रही है और राजनीतिक जानकारों का कहना है कि उनकी राह आसान नहीं है। खासबात यह है कि यहां पर कांग्रेस की राष्ट्री महासचिव प्रियंका गांधी भी सभा को संबोधित करने के लिए आई थी। हालांकि गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा दतिया सीट से 2013 से लगातार चुनाव जीतते आ रहे है।
'मैं सीएम की रेस में...', रिजल्ट से ठीक पहले नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने अपने चिर-परिचित अंदाज में दिग्विजय सिंह और कांग्रेस पर हमला करते हुये कहा कि "जब कांग्रेस पराजित होती है, तब वह किसी पर भी सवाल खड़े कर देती है। आज एक्जिट पोल पर सवाल खड़े किये हैं, कल हारने के बाद ईवीएम पर सवाल खड़े करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा उन पर ढाई सौ करोड़ के घोटाले के आरोप को नकारते हुये नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हवाई फायर करना उनका (दिग्विजय सिंह) स्वभाव है. घोटाले की जांच के संबंध में उन्होंने कहा कि अभी तो कोई विषय ही नहीं है, जब विषय होगा, तब जांच कराई जायेगी. दिग्विजय सिंह रोज कुछ न कुछ कहते ही रहते हैं।
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि "230 विधायकों में से कोई भी मुख्यमंत्री हो सकता है, लेकिन मैं इस दौड़ में नहीं हूं." उन्होंने फिर से बीजेपी की सरकार बनने का दावा करते हुए कहा कि "पार्टी तय करेगी कि मुख्यमंत्री कौन होगा." मुरैना में पत्रकारों से बातचीत में नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा उन पर ढाई सौ करोड़ के घोटाले का आरोप लगाने के सवाल को भी हवा में उड़ा दिया।
ये है इतिहास
दतिया विधानसभा देशभर में दो चीजों के लिए खास पहचान रखती है। पहली है यहां का प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ मंदिर और दूसरी ये कि इस सीट को बीजेपी के कद्दावर नेता और मध्य प्रदेश गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का गढ़ माना जाना। इस विधानसभा सीट पर पिछले 20 साल से बीजेपी और नरोत्तम मिश्रा का कब्जा है। 1993 के बाद से इस सीट पर कांग्रेस एक बार भी नहीं जीत सकी है। फिलहाल, कांग्रेस ने यहां पर राजेंद्र भारती को ही उम्मीदवार बनाया है। हालांकि इससे पहले नरोत्तम मिश्रा से ही बगावत कर भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए अवधेश नायक को उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन उनकी उम्मीदवारी का विरोध कांग्रेस के भीतर ही हो गया और आखिर में कांग्रेस को अपना उम्मीदवार बदलना पड़ा, जिसके कारण फिर से राजेंद्र भारती मैदान में आ गए हैं।
विधानसभा के पिछले समीकरण
साल 2018 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली थी। नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के राजेंद्र भारती को सिर्फ 2,656 वोटों से हराया था। मजेदार बात ये है कि इस सीट पर तीसरा स्थान NOTA को मिला था। वहीं पिछले चुनाव में इस सीट पर कुल 49 फीसदी ही मतदान हुआ था।
Updated on:
03 Dec 2023 05:01 pm
Published on:
03 Dec 2023 11:23 am
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