अस्पताल परिसर में मरीजों के हाथ से छीन ले जाते हैं दवाएं Oh man, here the bullying of monkeys goes on, news in hindi, mp news, datia news
दतिया. आप शायद विश्वास न करें मगर ये बात सच है। जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज परिसर में बंदरों की दबंगी चल रही है। इन दिनों बंदर अस्पताल परिसर में मरीज व अटेंडर के हाथों से खाने का सामान व दवाएं तक छीन ले जा रहे हैं। बंदरों पर जल्द पकडऩे की कार्रवाई नहीं की गई तो इसका खामियाजा मरीज और उनके अटेंडरों को भुगतना पड़ सकता है।
बंदरों के साथ लंगूर भी
जिला चिकित्सालय के मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद अस्पताल में मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। सामान्य दिनों में जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी एक हजार मरीजों तक रहती है। कई बार मरीजों की संख्या और ज्यादा तक पहुंच जाती है। पिछले कुछ दिनों से जिला चिकित्सालय परिसर में बंदर और लंगूर छलांगें लगा रहे हैं। बंदरों के झुंड के अस्पताल में घूमने से भविष्य में कोई घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
झुंड के रूप में आते है सामने
अस्पताल में झुंड के रूप में घूमने वाले बंदरों व लंगूरों द्वारा मरीजों व उनके परिजनों से सामान व दवाइयां छीन ले जाने के मामले भी सामने आ चुके हैं। लंगूर व बंदरों के आतंक से मरीजों के अटेंडर में खुले में बैठ कर खाना खाने से भी डरते हैं कि कहीं बंदरों का झुंड उन पर हमला न कर दे।
स्टाफ से अस्पताल में बंदरों के झुंड घूमने की जानकारी मिली है लेकिन किसी पर हमला किया हो यह जानकारी मेरे पास नहीं है। मरीजों व उनके अटैंडरों से अपील करेंगे कि वह बंदरों को खाने - पीने का सामान न डालें। वन विभाग को भी इस बारे में सूचित करेंगे कि वह बंदरों को भगवाने या पकड़वाने की व्यवस्था करें।
डॉ. के सी राठौर, सिविल सर्जन, दतिया