
दौसा। मुझे कुछ नहीं चाहिए… बस मेरा लाल मुझे सलामत ला दो… आंखों में आंसू लिए आर्यन की मां गुडडी देवी की जुबां से बस यही शब्द निकल रहे हैं। लगातार तीसरे दिन भी कालीखाड़ गांव की डांगडा ढाणी में बोरवेल में गिरे पांच वर्षीय आर्यन को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा, लेकिन रात तक सफलता नहीं मिल सकी।
दिनभर मौके पर मौजूद हजारों ग्रामीण भगवान से बालक की सलामती की प्रार्थना करते रहे। वहीं दूसरी ओर बच्चे के पिता जगदीश मीना रातभर हाथ में दूध से भरी बोतल लेकर बोरवेल के समीप इस उम्मीद में बैठे रहे कि तीन दिन से भूखे-प्यासे उनके लाल को कुछ खिला-पिला दूं। बच्चे के माता-पिता भी तीन दिन से भूखे रहकर सिर्फ आर्यन के सकुशल बाहर आने की कामना भगवान से कर रहे हैं।
मां की चिंता इतनी बढ़ गई कि तबीयत बिगड़ गई। इस पर चिकित्सक ने आकर उपचार किया। आर्यन के रेस्क्यू ऑपरेशन में जैसे-जैसे समय गुजरता जा रहा था, वैसे-वैसे ही माता-पिता और मौके पर उपस्थित हजारों लोगों की धडक़नें तेज होती जा रही हैं। हर किसी को चमत्कार की उम्मीद है। बुधवार को पाइलिंग मशीन से जमीन के अंदर सुंरग बनाकर बालक को निकालने के प्रयास किए गए।
चेहरे पर चिंता लेकर उम्मीद भरी नजरों के साथ आर्यन के पिता जगदीश मीना लगातार बोरवेल के पास बैठे हैं। उनका कहना है कि बोरवेल में फंसी मशीन को निकलवाने के लिए उसे खोला था, उन्हें पता नहीं था कि यह बोरवेल बेटे के लिए मुसीबत बन जाएगा। लेकिन सबकी आंखों में रेस्क्यू ऑपरेशन टीम द्वारा आर्यन को सकुशल बोरवेल से बाहर निकाल लिया जाएगा। सभी को उम्मीद है कि जल्द ही आर्यन की चहलकदमी से घर में वापस रौनक होगी।
Updated on:
11 Dec 2024, 9:08 PM IST
Published on:
11 Dec 2024, 8:42 PM IST
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