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आभानेरी (दौसा)। ऊनबड़ा गांव की रामदेव की ढाणी से छह साल पहले लापता हुए प्रिंस उर्फ टिल्लू प्रकरण में रविवार को जांच ने नया मोड़ ले लिया। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर संभावित स्थान चिन्हित कर शव बरामदगी के लिए खुदाई शुरू की गई। जिले में यह पहला मामला माना जा रहा है, जब किसी गुमशुदगी की जांच में इतने बड़े हाईवे की खुदाई की जा रही है। हालांकि देर शाम तक कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले।
पुलिस ने पूर्व में मिले तकनीकी साक्ष्यों और वर्ष 2020 की वीडियो रिपोर्ट के आधार पर ड्रोन से दोबारा सर्वे कराया। 1.6 किलोमीटर क्षेत्र की मैपिंग कर संदिग्ध बिंदु तय किए गए। 1200 मीटर और 3 किलोमीटर रेंज वाले दो ड्रोन कैमरों की फुटेज का तुलनात्मक अध्ययन कर सटीक लोकेशन चिन्हित की गई, जिसके बाद 90 मीटर क्षेत्र में सफेद पाउडर से मार्किंग कर 5 मीटर चौड़ी और 5 मीटर गहरी खुदाई शुरू हुई।
ड्रिलिंग मशीन से डामर काटा गया और 25 मीटर रेलिंग गैस कटर से हटाई गई। खुदाई स्थल से 300 मीटर तक क्षेत्र को अतिसंवेदनशील मानते हुए सुरक्षा घेरा बनाया गया। पांच में से तीन लेन बंद कर ट्रैफिक दो लेन पर डायवर्ट किया गया।
पीपल के पेड़ के पास, जहां आरोपी अनिल और कृष्णा के आने की जानकारी मिली थी, वहीं दो-तीन बिंदुओं पर निशान लगाए गए। थाना प्रभारी जहीर अब्बास ने बताया कि आरोपी कृष्णा और अनिल को लालसोट न्यायालय में पेश कर 5 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
मौके पर उपखंड अधिकारी रामसिंह राजावत, नायब तहसीलदार अंगदराम नावरिया मौजूद रहे। विधायक भागचंद टांकड़ा ने भी पहुंचकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेंद्र फौजदार से जानकारी ली और परिजनों से मुलाकात की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार 16 अगस्त 2020 को प्रिंस उर्फ टिल्लू घर से लापता हुआ था। लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। अदालत की सख्ती के बाद पुलिस ने जांच तेज की और पड़ोसी जो रिश्ते में चाचा बताया जा रहा है तथा उसकी बहन को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने हत्या कर शव को उस समय निर्माणाधीन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के किनारे दफनाने की बात कबूल की। बताया जा रहा है कि शक से बचने के लिए आरोपी वर्षों तक पीड़ित परिवार से घुलता-मिलता रहा।
Updated on:
01 Mar 2026 09:09 pm
Published on:
01 Mar 2026 09:08 pm
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