दौसा. जलझूलनी एकादशी के पावन पर्व पर जिले के मंदिरों से ठाकुरजी डोला यात्रा निकालकर जल विहार कराया गया। रास्ते में जगह-जगह पुष्प बरसाकर स्वागत किया गया। हाथीघोड़ा पालकी, जय कन्हैयालाल की आदि जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। दौसा जिला मुख्यालय पर श्रीगिरिराज धरण को जल विहार के लिए ले जाया गया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में महिलाएं व पुरुष संकीर्तन करते हुए जयकारे लगाते आगे बढ़ रहे थे।
यात्रा में ठाकुरजी की पालकी के नीचे होकर निकलने की लोगों में होड़ मची रही। प्रवक्ता उमाशंकर गुढ़ाकटला के अनुसार गिरिराज धरण मंदिर से गिरिराज धरण की डोला यात्रा श्रीगोङ्क्षवद देव जी मंदिर पहुंची। वहां पर गोङ्क्षवददेवजी व गिरिराज धरण का मिलन हुआ।
गोङ्क्षवददेवजी व गिराज धरण को एक साथ पंचामृत से स्नान कराया गया व भगवान का श्रृंगार किया गया। तत्पश्चात महाआरती हुई । सोमवार को भी शहर के रघुनाथजी, नृङ्क्षसह मंदिर, रामशाला, श्याम मंदिर चरणधाम, सीतारामजी, राधा गाङ्क्षवद आदि मंदिरों से ठाकुरजी की फूलडोल यात्रा गाजे बाजे के साथ निकाली गई। गेटालाव धाम पर जल विहार कराया गया।
सिकराय.कस्बे के प्रमुख आस्था मंदिर बड़ा मंदिर से जलझूलनी एकादशी पर्व को लेकर ठाकुरजी की डोला यात्रा गाजेबाजे के साथ निकाली गई। इस दौरान ठाकुर को पालकी में बैठाकर नगर भ्रमण करवाया गया। मंगलवार दोपहर बाद विधि विधान से पूजन के पश्चात ठाकुरजी की डोला यात्रा बैंड बाजे के साथ शुरू हुई। जो दाऊजी मंदिर से नगर परिक्रमा करते हुए वापस बड़ा मंदिर पहुंची। इस दौरान डोला यात्रा का कस्बे में जगह जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। यात्रा में सैकड़ों महिला-पुरुषों ने हिस्सा लिया।